दैनिक भास्कर हिंदी: रातभर में बदल लिया तूफान ने रास्ता, अब समुद्र की ओर बढ़ रहा तूफान 'वायु'

June 13th, 2019

हाईलाइट

  • लक्षद्वीप द्वीप समूह के पास अरब सागर के ऊपर से बना था चक्रवात
  • मौसम विभाग के अनुसार अब यह तूफान समुद्र की ओर बढ़ रहा है
  • पश्चिम मध्य रेलवे ने मुख्यमार्ग की 70 रेलगाड़ियों को निरस्त किया

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। लक्षद्वीप द्वीप समूह के पास अरब सागर के ऊपर से बने चक्रवाती तूफान ने अपना रास्ता रातभर में बदल लिया है। अब यह तूफान 'वायु' समुद्र की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं, ऐसे में क्षेत्र में तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में भारी बारिश और हवा चल रही है। जिसके चलते लोगों को समुद्र से दूर रहने के लिए कहा गया है। वहीं गुजरात में अगले 48 घंटे हाईअलर्ट रहेगा। 

उग्र हो सकता है समुद्र
तूफान के रास्ता बदल लेने के बाद से ही गुजरात में वेरावल क्षेत्र में हवा काफी तेज हो गई हैं। यहां समुद्र में उठती लहरें दिखाई दीं। हवाओं के चलते समुद्र ने उग्र रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र तट और पूर्वी अरब सागर के उत्तरी भागों में समुद्र काफी उग्र हो सकता है।

मौसम विभाग ने किया था अलर्ट
बता दें कि मौसम विभाग ने बुधवार को अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि तूफान 'वायु' उत्तर-पश्चिम की तरफ से गुजरात की ओर तेजी से बढ़ रहा है और यह चक्रवात 13 जून तक गुजरात बंदरगाहों पर पहुंच सकता है। इस चक्रवात ततूफान से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने गुजरात और दीव में 52 टीमों को भी तैनात किया था। तूफान के रास्ता बदल लेने के बाद मौसम विभाग ने कहा है कि अमरेली, गिर सोमनाथ, जुनागढ़, पोरबंदर, राजकोट, जामनगर, देवभूमि द्वारका और कच्छ जिले में वायु चक्रवात का असर देखने को मिल सकता है। यहां 155-165 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। 

तूफान ने अपना रास्ता बदल लिया है और अब वह समुद्र की ओर बढ़ रहा है। इस दौरान पोरबंदर में चाउपट्टी बीच का एक दृश्य, जहां समुद्र ने उग्र रूप धारण कर रखा है।
 

तूफान से निपटने तैयारी
NDRF की 52 टीमों के अलावा एसडीआरएफ की 9, एसआरपी की 14 कंपनियां, 300 मरीन कमांडो और 9 हेलिकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। पश्चिम मध्य रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्य कर दिया, यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि पश्चिम रेलवे ने चक्रवात वायु से होने वाली संभावित आपदा को देखते हुये मुख्यमार्ग की 70 रेलगाड़ियों को पूरी तरह निरस्त और ऐसी ही 28 ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त करते हुये गंतव्य से पहले ही रोकने का फैसला किया है।