राणे की गिरफ्तारी: महाराष्ट्र के कई स्थानों पर शिवसेना का प्रदर्शन और तोड़फोड़, नागपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूंका सीएम का पुतला

August 24th, 2021

हाईलाइट

  • नासिक के साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज
  • कई स्थानों पर शिवसेना का प्रदर्शन और तोड़फोड़
  • नागपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूंका सीएम का पुतला
  • मुंबई में शिवसेना और बीजेपी के कार्यकर्ता आपस में भिड़े

डिजिटल डेस्क, नासिक। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे खिलाफ विवादित टिप्पणी मामले में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को रत्नागिरी से गिरफ्तार कर लिया गया। राणे ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के तहत यहां दौरे पर पहुंचे थे। राणे कि गिरफ्तारी की भाजपा नेताओं ने निंदा करते हुए इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है। विवादित बयान देने पर राणे के खिलाफ नासिक के साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई थी। केंद्रीय मंत्री राणे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे को लेकर विवादित बयान दिया था।

राणे ने दावा किया था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमत्री ठाकरे यह भूल गए कि देश की आजादी को कितने साल हुए हैं। राणे ने रायगढ़ जिले में सोमवार को ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के दौरान कहा था कि ‘यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हो गए हैं। भाषण के दौरान वह पीछे मुड़कर इस बारे में पूछते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता।’ राणे अपनी इस टिप्पणी के बाद विवादों में घिर गए और शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने राज्य के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया है। उनके इस तरह के बयान के बाद राजनीति गरमा गई। इस बयान से आग बबूला कार्यकर्ताओं ने राणे को मुर्गी चोर कहकर पुकारना शुरू कर दिया। कार्यकर्ता अपने साथ मुर्गियां भी लाए थे।

इस बीच शिवसेना कार्यकर्तांओं ने राज्यभर में राणे के खिलाफ आंदोलन किया। कई जगहों पर भाजपा कार्यालय पर हमले भी किए गए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लेने के बाद राणे को रत्नागिरी के संगमेश्वर थाना ले जाया गया। शिवसेना की नासिक शहर इकाई के प्रमुख द्वारा नाशिक साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद राणे के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 (मानहानि), 505 (2) (शरारत), 153-बी (1) (सी) (टिप्पणी से वैमनस्य, या शत्रुता या घृणा या द्वेष की भावना पैदा होने की आशंका) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। 

Narayan Rane: केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को शिवसेना क्यों कहती है 'मुर्गी चोर'? पढ़ें, इसके पीछे का दिलचस्प किस्सा

सबसे पहले मुंबई की बात करें तो, दादर में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने पोस्टर्स लगाए, जिसपर लिखा था मुर्गी चोर। वहीं राणे के जुहू स्थित बंगले पर शिवसेना और बीजेपी के कार्यकर्ता आपस में भिड़े गए। पुलिस को स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए और भीड़ काबू करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। दोनों तरफ से एक दूसरे के खिलाफ नारेबाज़ी की गई।

उद्धव के खिलाफ टिप्पणी से बवाल : राणे के आवास के पास शिवसेना-भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, पुलिस का लाठीचार्ज

पुणे के मॉल पर पथराव

युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने पुणे के आर-डेक्कन मॉल पर पत्थरबाजी की। कार्यकर्ताओं ने राणे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।शिवसेना नेता (युवा सेना) के सचिव रोहित कदम ने राणे के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुणे के चतुश्रगी पुलिस थाने में भी मामला दर्ज किया गया । राणे की गिरफ्तारी का आदेश नासिक सीपी ने निकाला। इसके लिए डीसीपी स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई।आदेश में यह भी लिखा है कि नारायण राणे केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद हैं, इसलिए उप राष्ट्रपति को सूचित कर पूरी प्रक्रिया का पालन करें। नासिक पुलिस, नासिक साइबर और पुणे पुलिस में नारायण राणे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया ।

Narayan Rane's remarks against Uddhav Thackeray sparks row | Mumbai news -  Hindustan Times

 

राणे बोले - मैंने कोई अपराध नहीं किया

विवाद बढ़ने के बाद नारायण राणे ने कहा कि मैं साधारण इंसान नहीं हूं, किसी तरह का कोई अपराध भी नहीं किया है। सवाल उठाते हुए राणे के कहा कि अगर 15 अगस्त के बारे में किसी को नहीं पता, तो क्या यह अपराध नहीं है। थप्पड़ मारता कहना कोई अपराध नहीं है।

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