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Farmer Protest: केंद्र सरकार और किसानों के बीच आज होने वाली बैठक टली, 20 जनवरी को होगी वार्ता


हाईलाइट

  • दोनों पक्षों के बीच अब तक 9 बार बैठक हो चुकी हैं
  • किसान कानून वापसी की मांग पर अड़े हैं
  • किसान नेताओं में पहली बार फूट सामने आई

डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। किसान यूनियनों और केंद्र सरकार के बीच 19 जनवरी को होने वाली बैठक अब 20 जनवरी को होगी। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने रात 10 बजे इसकी जानकारी दी। यह बैठक दोपहर 2 बजे विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी।

बैठक किसी अपरिहार्य कारणों से स्थगित करनी पड़ी है। बता दें कि दोनों पक्षों के बीच अब तक हुईं 9 बैठकें बेनतीजा रही हैं। किसान कानून वापसी की मांग पर अड़े हैं। सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने कानूनों के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी है, इसलिए अब कानून वापसी के अलावा बताएं कि क्या चाहते हैं? वहीं इससे पहले किसान संगठनों ने भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर मार्च निकालने का ऐलान किया है। ट्रैक्टर मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस पर भी 20 जनवरी को सुनवाई होगी।

हालांकि आज की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में प्रवेश का सवाल कानून-व्यवस्था की विषय है और दिल्ली में कौन आएगा या नहीं, इसे दिल्ली पुलिस तय करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को क्या करना है और क्या नहीं करना है, यह कोर्ट नहीं तय करेगा। वहीं कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा, “इस मामले को डील करने के लिए आपके पास पूरी अथॉरिटी है, लेकिन हम यह नहीं कह रहे कि आपको क्या करना चाहिए। 20 जनवरी को इस मामले की सुनवाई करेंगे।”

किसान नेताओं में पहली बार फूट सामने आई
संयुक्त मोर्चा की बैठक में रविवार को हरियाणा भाकियू के अध्यक्ष गुरनाम चंढूनी पर आंदोलन को राजनीति का अड्डा बनाने, कांग्रेस समेत राज नेताओं को बुलाने और दिल्ली में सक्रिय हरियाणा के एक कांग्रेस नेता से आंदोलन के नाम पर करीब 10 करोड़ रुपए लेने के गंभीर आरोप लगे। आरोप ये भी है कि वह कांग्रेस से टिकट के बदले हरियाणा सरकार को गिराने की डील भी कर रहे हैं। संयुक्त मोर्चे ने एक कमेटी बनाई है, जो 20 जनवरी को रिपोर्ट देगी। उधर, चंढू़नी ने सभी आरोपों को खारिज किया है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।