comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

अयोध्या में जीवंत हो उठा त्रेतायुग

November 13th, 2020 18:00 IST
 अयोध्या में जीवंत हो उठा त्रेतायुग

हाईलाइट

  • अयोध्या में जीवंत हो उठा त्रेतायुग

अयोध्या, 13 नवम्बर (आईएएनएस)। पुष्पक विमान से अवधपुरी आते सिया, राम और लक्ष्मण, आतुर नयनों से आराध्य की प्रतीक्षा करते हजारों श्रद्धालु, वातावरण में वैसी ही मंगल ध्वनियां, वैसा ही उमंग और उत्साह से भरा मन।

धर्मनगरी अयोध्या में त्रेतायुग का यह ²श्य शुक्रवार एक बार फिर जीवंत हो उठा। सरयू तीरे, आस्था का ठीक वैसा ही सैलाब उमड़ा, जैसा त्रेतायुग में 14 वर्ष के वनवास को पूरा कर भगवान श्रीराम अयोध्या वापस आगमन पर उमड़ा था। दिव्य दीपोत्सव में राम-राम जय राजा राम की गगनभेदी जयघोष ने माहौल को राममय कर दिया। तय कार्यक्रम के अनुसार अपराह्न् साढ़े तीन बजे चौधरी चरण सिंह घाट पर पुष्पक विमान की आभा लिए हेलीकॉप्टर उतरा। विमान में प्रभु राम, सीता और लक्ष्मण के स्वरूप मौजूद थे। भगवान के इन प्रतीकात्मक स्वरूपों की अगवानी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ अनेक विशिष्ट जन उपस्थित रहे।

भगवान के प्रतीकात्मक स्वरूप विमान से उतरे तो श्रद्धालुओं ने गगनभेदी जयघोष कर अभिनन्दन किया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधिपूर्वक राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान, वशिष्ठ आदि के स्वरूपों पर पुष्प वर्षा कर प्रदेशवासियों की ओर से नमन अर्पित किया। भगवान राम और भरत मिलाप का प्रेरक कथानक भी यहां साकार हुआ। मुख्यमंत्री ने सभी का अभिनन्दन कर लोक कल्याण की प्रार्थना की। इसके बाद, रामकथा पार्क में भव्य मंच पर स्वस्ति वाचन और शांति पाठ आदि वैदिक मन्त्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम के स्वरूप का अभिषेक कर युगों पूर्व राम राज्याभिषेक की स्मृतियों को जीवंत कर दिया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह सहित विशिष्ट जनों ने भी सभी देव स्वरूपों का तिलक किया। इस अवसर पर राज्य सरकार की ओर से अनेक संत-महात्माओं को सम्मानित किया गया।

दीपोत्सव के लिए शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर में विराजमान रामलला के दर्शन कर पंच दिवसीय महापर्व दीपावली के अवसर पर रामलला से प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। रामलला के दर्शन के समय मुख्यमंत्री के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टीगणों की उपस्थिति भी रही।

विकेटी-एसकेपी

कमेंट करें
WOQhV
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।