दैनिक भास्कर हिंदी: व्यापमं घोटाला: यूपी के बाराबंकी से एक मेडिकल ऑफिसर गिरफ्तार

January 13th, 2018

डिजिटल डेस्क, बाराबंकी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तरप्रदेश के हैदरगढ़ (बाराबंकी) से एक सरकारी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉ. वीरेन्द्र मौर्या मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले से जुड़े एक मामले में फरार चल रहा था। सीबीआई अब उसे भोपाल की संबंधित कोर्ट के सामने पेश करेगी। आरोपी डॉक्टर की तैनाती रायबरेली जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जटुवा टप्पा में थी। सीबीआई ने 23 नवंबर 2017 को डॉ. मौर्या के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

 

 

गैर जमानती वारंट जारी किया गया था

व्यापम मामलों की सुनवाई कर रही भोपाल की संबंधित कोर्ट के स्पेशल जज की ओर से डॉ. मौर्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। इस मामले में अभी दलाल की भूमिका निभाने वाले सह आरोपी सोनू पचौरी की सीबीआई को तलाश है। मध्य प्रदेश में व्यावसायिक परीक्षा मंडल के माध्यम से कराई गई एमपीपीएमटी- 2012 की परीक्षा में धांधली से जुड़े मामलों में अब कई लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

 

 

2008 में ही कर लिया था MBBS


बता दें कि वीरेन्द्र मौर्या एमबीबीएस का छात्र होते हुए भी इस परीक्षा में शामिल हुआ था। एमबीबीएस में उसका प्रवेश वर्ष 2008 में ही हो गया था। उसने एक छात्र को परीक्षा में मदद पहुंचाने के लिए यह परीक्षा दी थी। मौर्या ने परीक्षा उत्तीर्ण कर भोपाल के एक निजी मेडिकल कॉलेज में अपने लिए एक सीट आरक्षित करा ली। इसके बाद में उसने यह सीट छोड़ दी, जिस पर दलाल की मदद से मेडिकल कॉलेज ने बिना तय प्रक्रिया का पालन किए प्रवेश ले लिया।


 

 

पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के लोगों से मिलकर की साजिश

सीबीआई की पड़ताल में खुलासा हुआ था कि वीरेंद्र मौर्या ने दलाल सोनू पचौरी और भोपाल के पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के लोगों के साथ मिलकर यह साजिश की है। कानपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बावजूद भोपाल के निजी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए सिर्फ इसलिए परीक्षा दी कि एक अभ्यर्थी को पास करवाना था। उस अभ्यर्थी और सोनू पचौरी को भी इसमें अभियुक्त बनाया गया है। सोनू पचौरी की सीबीआई तलाश कर रही है।

भोपाल कोर्ट में पेश होगा वीरेंद्र मौर्या

भोपाल की परीक्षा में सफल होने के बाद वीरेंद्र कुमार ने अपनी सीट मेडिकल कॉलेज को बेच दी थी। मेडिकल कॉलेज ने बाद में इस सीट को मानकों को दरकिनार कर बेच दिया, इसलिए इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को भी अभियुक्त बनाया गया है। वीरेंद्र मौर्या को सीबीआई भोपाल कोर्ट में पेश करेगी। सीबीआई की टीम को इस रैकेट में शामिल 2 अन्य आरोपी सोनू और पचौरी की भी तलाश है। सीबीआई टीम आरोपी डॉक्टर से पूछताछ कर रही है। वीरेंद्र मौर्या की पत्नी हैदरगढ़ में नयाब तहसीलदार के पद पर तैनात है।