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कोविड राहत वस्तुओं के इंपोर्ट पर IGST हटाने की मांग, वित्त मंत्री ने दिया ममता को ये जवाब

कोविड राहत वस्तुओं के इंपोर्ट पर IGST हटाने की मांग, वित्त मंत्री ने दिया ममता को ये जवाब

हाईलाइट

  • वित्त मंत्री ने बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की पीएम को लिखी चिट्ठी का जवाब दिया
  • ममता ने कोविड राहत वस्तुओं के इंपोर्ट पर IGST हटाने की मांग की थी
  • वित्त मंत्री ने कहा, आपकी सूची में जो वस्तुएं हैं वो पहले ही इसमें शामिल हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की उस चिट्ठी का जवाब दिया है जो उन्होंने पीएम मोदी को लिखी थी। वित्त मंत्री ने कहा, तीन मई को जारी एक आदेश में कोविड-19 राहत सामग्रियों की एक सूची जारी की गई थी। इन सामग्रियों के इंपोर्ट पर आईजीएसटी से राहत दी जा चुकी है। इन्हें इससे पहले ही सीमा शुल्क या स्वास्थ्य कर से भी राहत दी जा चुकी है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी देख सकती हैं कि आपकी सूची में जो वस्तुएं हैं वो पहले ही इसमें शामिल हैं।

बता दें कि ममता बनर्जी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अहम मेडिकल उपकरण और दवाइयों पर सभी तरह के टैक्स और कस्टम ड्यूटी को माफ करने का अनुरोध किया था। ममता बनर्जी ने स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा मजबूत करने और कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए उपकरण, दवाओं तथा ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने का भी आग्रह किया था। 

ममता बनर्जी ने लिखा था, 'बड़ी संख्या में संगठन, लोग और परोपकारी एजेंसियां ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, सिलेंडर, क्रायोजेनिक स्टोरेज टैंक, कंटेनर और कोरोना संबंधित दवाएं डोनेट करने के लिए आगे आ रही हैं। इन संगठनों के डोनेशन से मांग और आपूर्ति के भारी अंतर को पूरा करने के राज्य सरकार के प्रयासों को सप्लीमेंट मिलेगा। ममता बनर्जी ने कहा, हालांकि कई डोनर्स और एजेंसियों ने राज्य सरकार से इन पर सीमा शुल्क, SGST, CGST, IGST से छूट देने पर विचार करने के लिए संपर्क किया है।

ममता ने लिखा, 'इनकी कीमतें केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है, तो मैं अपील करती हूं कि इन सामानों को GST या कस्टम ड्यूटी और अन्य ऐसे ही टैक्सों से छूट दी जाए, ताकि कोविड मैनेजमेंट में जीवनरक्षक दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिल सके।' बता दें कि बीते 5 दिनों में ममता बनर्जी की यह पीएम मोदी को दूसरी चिट्ठी है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।