BRICS Summit 2026: राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें सम्मेलन में शामिल होने के बाद चीन रवाना, पीएम मोदी का संबोधन सुनने के बाद खिंचवाई फैमिली फोटो

राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें सम्मेलन में शामिल होने के बाद चीन रवाना, पीएम मोदी का संबोधन सुनने के बाद खिंचवाई फैमिली फोटो
दोनों देशों को सहयोग ,साझेदारी के साथ साथ विकास को साझा लक्ष्य मानकर मित्रवत संबंधों और पारस्परिक लाभकारी सहयोग को बढ़ाया जाना चाहिए। दोनों देशों को आपसी सम्मान और समझदारी के आधार पर बाधाओं को दूर करना चाहिए।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद चीन के लिए रवाना हो गए है। इससे पहले उन्होंने सम्मेलन के दूसरे दिन आउटरीच मीटिंग में पीएम मोदी का संबोधन सुनने के बाद फैमिली फोटो भी खिंचवाई।

आपको बता दें चीनी राष्ट्रपति ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए बीते दिन शनिवार को सात साल बाद भारत आए। ब्रिक्स सम्मेलन से अलग जिनपिंग और मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान उन्होंने कहा दोनों देश एक-दूसरे के प्रतिद्वंदी नहीं बल्कि साझेदार हैं। इसके साथ ही दोनों देशों ने सीमा विवाद को सुलझाते हुए सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की। चीनी विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति शी ने भारत-चीन संबंधों के दीर्घकालिक और स्थिर विकास के लिए चार प्रमुख सुझाव भी दिए।

दोनों देशों को सहयोग ,साझेदारी के साथ साथ विकास को साझा लक्ष्य मानकर मित्रवत संबंधों और पारस्परिक लाभकारी सहयोग को बढ़ाया जाना चाहिए। दोनों देशों को आपसी सम्मान और समझदारी के आधार पर बाधाओं को दूर करना चाहिए। द्विपक्षीय संबंधों और सीमा से जुड़े मुद्दों को समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जाना चाहिए तथा सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखनी चाहिए।

जिनपिंग ने बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत और चीन को ब्रिक्स की अध्यक्षता में एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन तथा जी-20 जैसे मंचों पर एक दूसरे का सहयोग बढ़ाना चाहिए।

पिछले दो सालों में शी जिनपिंग और पीएम मोदी की दो बार मुलाकात हो चुकी हैं। इनमें दोनों नेताओं में दोनों राष्ट्रों के बीच रिश्तों की मजबूती को लेकर चर्चा हुई। भारत -चीन के बीच संस्थागत संवाद धीरे-धीरे फिर शुरू हुआ है। दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है और द्विपक्षीय व्यापार भी नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और चीन की परिस्थितियां अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों देश एक-दूसरे की ताकतों से सीख सकते हैं, एक-दूसरे का सहयोग कर सकते हैं और साझा सफलता हासिल करते हुए साथ आगे बढ़ सकते हैं।

Created On :   13 Sept 2026 1:35 PM IST

Tags

Next Story