Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल को पास कराने के लिए इतने वोटों की थी जरूरत, केंद्र सरकार ने की कड़ी मशक्कत, जाने पूरा मामला

महिला आरक्षण बिल को पास कराने के लिए इतने वोटों की थी जरूरत, केंद्र सरकार ने की कड़ी मशक्कत, जाने पूरा मामला
लोकसभा में 16 और 17 अप्रैल, 2026 को काफी हंगामा भरा विशेष सत्र रहा। इस दौरान सरकार ने महिला आरक्षण समेत तीन बिल पेश किए थे, जिन पर कुल 21 घंटे तक चर्चा चली।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में 16 और 17 अप्रैल, 2026 को काफी हंगामा भरा विशेष सत्र रहा। इस दौरान सरकार ने महिला आरक्षण समेत तीन बिल पेश किए थे, जिन पर कुल 21 घंटे तक चर्चा चली। हालांकि, भारत सरकार ने इस पर चर्चा के लिए 18 घंटे तय किए थे। इस लंबी बहस के दौरान मोदी सरकार ने इन्हें पास कराने के लिए पूरा दम लगा लिया था। इसके बाद भी ये तीन बिल वोटिंग के बाद बाहर हो गए हैं। यानी पूर्ण बहुमत नहीं मिलने से इन्हें खारिज कर दिया है। ऐसे में समझते हैं कि इन बिल को पास करने के लिए कितने वोटों की जरूरत थीं?

सरकार की कोशिश?

इस बिलों पर चर्चा के दौरान स्पष्ट दिखाई दे रहा था कि इनको पास कराने की कमान खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संभाल रखी थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (16 अप्रैल) को इस चर्चा में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव को अपना दोस्त कहा था। इतना ही नहीं आज भी अमित शाह अखिलेश यादव को इशारों में मनाने की कोशिश में लगे हुए थे। लेकिन सरकार की तमाम कोशिश धरी की धरी रह गई और इन तीनों बिलों को पास नहीं करा पाई।

तीनों बिल कितने वोट से होते पास

लोकसभा में 16 और 17 अप्रैल, 2026 को महिला आरक्षण से जुड़े तीन बिल 131वां संविधान संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2026 को पास कराने के लिए बहस हुई। इस दौरान विपक्ष ने भारी हंगामा भी किया था। इन बिल को साल 2029 तक लागू करना था। इसको लेकर 17 अप्रैल शाम को वोटिंग हुई। इसके लिए कुल 528 सांसदों ने वोट किए, जिसमें पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 मत पड़े। हालांकि, इसे पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत होना था। यानी पक्ष में 352 वोट पड़ने थे। इस वजह से यह पास नहीं हो पाया और खारिज कर दिया।

Created On :   17 April 2026 11:17 PM IST

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