Women Reservation Bill Controversy: 'महिला आरक्षण बिल' गिरने के बाद NDA महिला सांसदों का संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन, विपक्ष को बताया 'महिला विरोधी'

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान संशोधन (131वां संशोधन) बिल आज लोकसभा में पास नहीं हो सका। 543 सांसदों में से 528 ने वोट डाला। इस तरह यह बहुमत के आंकड़े से 54 वोट पीछे रह गई, क्योंकि बिल को पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत यानि 352 वोट चाहिए थे। लेकिन मिले केवल 298 वोट, वहीं विपक्ष में 230 वोट पड़े।
इसके महिला आरक्षण से जुड़े दो अन्य बिल परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 सरकार ने मतदान के लिए पेश नहीं किए। सरकार ने ऐसा करने पर कहा कि ये बिल एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इस वजह से मतदान की आवश्यकता नहीं है।
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एनडीए महिला सांसदों ने किया प्रोटेस्ट
बिल के गिरने के बाद सदन में भारी हंगामा हुआ। जहां एक तरफ इंडिया गठबंधन के सांसदों ने खुशी जाहिर की, तो वहीं दूसरी तरफ एनडीए सांसदों ने विपक्ष को महिला विरोधी बताया। बीजेपी और एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। संसद के मकर द्वार से प्रदर्शन की शुरुआत की गई। इस दौरान महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब बीजेपी और एनडीए गठबंधन में शामिल पार्टियों के कार्यकर्ता कल यानि शनिवार, 18 अप्रैल को इंडिया गठबंधन से जुड़े दलों के नेताओं के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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क्या बोले राहुल गांधी?
इससे पहले लोकसभा में बिल पारित न होने पर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'हमने संविधान पर हुए इस हमले को हरा दिया है। हमने साफ तौर पर कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।' बता दें कि मोदी सरकार के 12 साल के शासनकाल में यह पहली बार हुआ है जब सदन में वह कोई बिल पास नहीं करा पाई।
Created On :   17 April 2026 9:45 PM IST










