Women Reservation Bill Controversy: 'हमने संविधान पर हुए हमले को नाकाम...', संविधान संशोधन बिल गिरने पर बोले राहुल गांधी, पीएम मोदी से की ये अपील

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक सरकार पारित नहीं करा सकी। इस बिल में लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 सीटें करने का प्रावधान था। करीब 21 घंटे की चर्चा के बाद लोकसभा में बिल पर मतदान हुआ। बिल को पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन सरकार जरूरी समर्थन नहीं जुटा सकी और बिल गिर गया। लोकसभा के 543 में से 528 सांसदों ने वोट दिया, बहुमत का आंकड़ा था 352। बिल के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट डाले गए।
महिला आरक्षण बिल 2023 लागू करें - राहुल गांधी
बिल के पारित न होने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है।
हमारा साफ तौर पर कहना है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं, बल्कि यह भारत की राजनीतिक स्ट्रक्चर को बदलने की साजिश है। हमने इसे रोक दिया है। कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी से अपील करते हुए कहा कि 2023 में लाए गए महिला बिल को लागू किया जाए, जिस पर विपक्ष का पूरा समर्थन है।
बिल का पारित होना असंभव था - प्रियंका गांधी
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बिल गिरने पर रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि सवाल केवल महिला आरक्षण का नहीं है। यह देश के लोकतंत्र और अखंडता से जुड़ा विषय था। उन्होंने आगे कहा कि हम कभी इससे सहमत नहीं हो सकते कि महिला आरक्षण को परिसीमन से इस तरह जोड़ा जाए कि वह पुरानी जनगणना पर आधारित हो, जिसमें ओबीसी वर्ग शामिल ही नहीं है। ऐसे में इस बिल का पारित होना संभव नहीं था।
प्रियंका गांधी ने इसे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए बड़ी जीत बताते हुए कहा कि विपक्ष शुरुआत से ही बिल के मौजूदा स्वरूप का विरोध कर रहा था और आखिर में यह संसद में पास नहीं हो सका।
Created On :   17 April 2026 9:00 PM IST












