संविधान संशोधन और सपा: महिला आरक्षण बिल पर सदन में समाजवादी पार्टी ने दिया समर्थन, परिसीमन का किया विरोध

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने महिला आरक्षण बिल पर कहा संविधान में जो संशोधन चाह रहे हैं उसके पक्ष में हम नहीं है क्योंकि कही न कही परिसीमन का सहारा लेकर ये लोग पूरी प्रक्रिया है उसको अपने सशक्तिकरण के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं। जो पहला आरक्षण बिल 2023 में पास हुआ था उसके अनुरूप सपा चाहती है ये लागू हो।
समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने कहा भाजपा को समझना मुश्किल है भाजपा के फैसलों को समझना मुश्किल है। जब लोगों से कहा गया कि उनका SIR होगा तो SIR के बहाने NRC कर रहे थे अगर भविष्य में NRC होगी तो ये कौन से नए कागज मांगेंगे। यूपी में हमने देखा SIR के बहाने NRC कर रहे थे अब महिला आरक्षण के बहाने ये अपने मन मर्जी परिसीमन करके जिससे ये कभी हारे नहीं ।ये जनता देख रही है जब कभी भाजपा मतदान के लिए जाएगी तो ये बुरी तरह हारेगी।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "सदन का जो माहौल लग रहा है, PDA के जो सांसद उधर बैठे हैं उनके मन का बहुमत हमारे साथ है। उनके(भाजपा) वादों पर क्या भरोसा करें? उन्होंने कई वादे किए। इसलिए उनके वादों पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता। भाजपा कुछ भी कर सकती है। अभी वोटिंग से पहले भी भाजपा कुछ भी कर सकती ।
समाजवादी पार्टी नेता एस.टी. हसन ने महिला आरक्षण बिल पर कहा,"हम लोग महिला आरक्षण बिल के समर्थन में हैं और इस हद तक समर्थन में है कि उनकी आबादी 50% है तो उनका आरक्षण 33% से बढ़कर 50% तक होना चाहिए। इस आरक्षण के अंदर दलितों का आरक्षण, OBC, मुस्लिम महिलाओं का आरक्षण भी होना चाहिए....परिसीमन जातीय जनगणना के बाद होना चाहिए। सच्चाई ये है कि सरकार जातीय जनगणना करना ही नहीं चाहती है
सपा नेता राम गोपाल यादव ने महिला आरक्षण विधेयक पर कहा, "क्या इतिहास बनने जा रहा है इतिहास तो पहले ही बन चुका था ये कानून पास हो चुका है वो भी सहमति से तब क्या ये इतिहास नहीं बना? ये लोग उस इतिहास को मिटाने का काम क्यों कर रहे हैं..."
समाजवादी पार्टी सांसद राजीव राय ने कहा सरकार छटपटाहट हड़बड़ाहट में उल्टी गिनती शुरू हो गई इसलिए इस प्रकार की हरकतें कर रहे हैं। चुनाव के बीच में इस प्रकार का बिल लाना इनकी नियत में खोंट दिखाता है। ये डरे हुए लोग हैं सभी को बेवकूफ बनाना चाहते हैं।
Created On :   17 April 2026 5:24 PM IST













