UP News: दिवाली पर मिठाई खरीदने से पहले हो जाएं सावधान, यूपी में जांच के दौरान दुकानों में मिली गंदगी, कहीं चूहे तो कहीं खराब तेल का इस्तेमाल

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38 जिलों में पहुंची खाद्य विभाग की टीम
आपको बता दें कि, दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा विभाग ने ‘शुद्ध ही शुभ है’ नाम से जांच अभियान चलाया है। यह अभियान प्रदेश के 38 जिलों में हुआ। इस दौरान 17 मंडलों की 260 मिठाई की दुकानों और दूसरी खाने-पीने की जगहों की जांच की गई। टीमों ने अलग-अलग चीजों के 303 नमूने भी लिए। जांच में कई तरह की कमियां मिलने पर 229 दुकानों और प्रतिष्ठानों को नोटिस दिया गया। उन्हें अपनी गलतियां ठीक करने के लिए कहा गया है।
औरैया और सीतापुर में मिठाइयों के पास मिले चूहे
इसके अलावा औरैया के बिधूना में इंद्रावर स्वीट हाउस की जांच हुई तो मिठाइयों के आसपास चूहे घूमते दिखाई दिए। दुकान में सफाई का भी बुरा हाल था। वहीं, शिवाजी स्वीट हाउस में मिठाइयां अखबार पर रखी मिलीं। यहां पुराने तेल का बार-बार इस्तेमाल करने की बात भी सामने आई। सीतापुर की राजस्थानी स्वीट्स में भी सामान रखने वाली जगह पर चूहे मिले। इन दुकानों के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की गई है।
शामली और रायबरेली में भी मिली गंदगी
वहीं, शामली की संगल स्वीट्स में खाने का सामान जमीन पर रखा हुआ था। उसे ढकने के लिए जिस कपड़े का इस्तेमाल किया गया था, वह भी गंदा था। रायबरेली की कुछ दुकानों में मिठाइयां गंदी और अंधेरी जगह पर रखी मिलीं। वहां कीड़े-मकोड़े भी मौजूद थे। कुछ जगहों पर कर्मचारियों के हाथ धोने का पानी मिठाइयों तक पहुंच रहा था। दुकानों में सफाई और खाने का सामान रखने के सही इंतजाम नहीं मिले।
कानपुर देहात समेत कई जिलों में हुई कार्रवाई
बता दें कि, कानपुर देहात के पंचवटी स्वीट हाउस में गंदे फ्रिज और मिठाई बनाने की जगह पर गंदगी मिली। अकबरपुर की बदनाम गुझिया दुकान में भी सफाई की कमी थी। यहां मिठाई बनाने वाली जगह पर पालतू जानवर भी दिखाई दिए। झांसी, अंबेडकर नगर, अलीगढ़, हाथरस और फिरोजाबाद में भी कई कमियां मिलीं। हाथरस में बिना लाइसेंस चल रही शंकर स्वीट्स को बंद करा दिया गया। फिरोजाबाद में भी एक दुकान पर कार्रवाई हुई।
मिठाई की दुकानों में इन चीजों पर रखी गई नजर
खाद्य विभाग की टीमों ने सिर्फ मिठाइयों की जांच नहीं की, बल्कि उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों को भी देखा। दूध, खोया, पनीर, बेसन, मैदा, तेल और घी की जांच की गई। इसके अलावा मिठाइयों में डाले जाने वाले रंग, पानी और मसालों की गुणवत्ता भी देखी गई। टीम ने यह भी जांचा कि दुकानों में सफाई है या नहीं, सामान ठीक से रखा गया है या नहीं और कर्मचारियों की सेहत का ध्यान रखा जा रहा है या नहीं। दुकानों के लाइसेंस और पैकिंग की भी जांच हुई।
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