'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली: दिल्ली के व्यापारियों की नाराजगी, सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी, बोले- दिवाली पर ठप हो जाएगा हजारों करोड़ का कारोबार

दिल्ली के व्यापारियों की नाराजगी, सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी, बोले- दिवाली पर ठप हो जाएगा हजारों करोड़ का कारोबार
दिल्ली में कांग्रेस की महारैली को लेकर व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर तारीख बदलने या रैली बुराड़ी मैदान में कराने की मांग की है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में कांग्रेस की एक बड़ी रैली होने वाली है लेकिन इसे लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। राहुल गांधी ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली में बड़ी संख्या में लोगों से पहुंचने की अपील की है। कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन चुनाव में गड़बड़ी और वोट चोरी के खिलाफ है। वहीं, दिल्ली के कारोबारियों को डर है कि इतनी बड़ी भीड़ के कारण बाजारों में कामकाज रुक सकता है। त्योहार के दिनों में उनका धंधा पहले से ही अच्छा चल रहा है। ऐसे में उन्होंने राहुल गांधी से रैली की तारीख या जगह बदलने की अपील की है। अब इस मामले में व्यापारियों ने सोनिया गांधी से भी मदद मांगी है।

सोनिया गांधी को क्यों लिखनी पड़ी चिट्ठी?

दिल्ली के व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने सोनिया गांधी को पत्र भेजा है। व्यापारियों का कहना है कि वे पहले राहुल गांधी को तीन बार अपनी परेशानी बता चुके हैं लेकिन उनकी मांग पर कोई फैसला नहीं हुआ। यही वजह है कि अब उन्हें सोनिया गांधी से उम्मीद है। उनका कहना है कि रामलीला मैदान में इतनी बड़ी भीड़ आने से पुरानी और मध्य दिल्ली के बाजारों में गाड़ियों की आवाजाही रुक सकती है।

दिवाली के समय रैली से क्यों परेशान हैं व्यापारी?

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि व्यापारी कांग्रेस की रैली के खिलाफ नहीं हैं। उनकी परेशानी सिर्फ इसकी तारीख को लेकर है। 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दिवाली है। ऐसे में 1 नवंबर का दिन खरीदारी और कारोबार के लिहाज से बहुत जरूरी है। व्यापारियों का दावा है कि उस दिन 10 लाख लोग और हजारों गाड़ियां दिल्ली पहुंचीं तो करीब 20 बड़े बाजारों का कारोबार प्रभावित हो सकता है।

सोनिया गांधी के सामने रखीं दो मांगें

आपको बता दें कि, व्यापारियों ने अपने पत्र में दो रास्ते बताए हैं। पहली मांग है कि कांग्रेस अपनी रैली 10-11 नवंबर के बाद करे ताकि दिवाली का कारोबार प्रभावित न हो। दूसरी मांग है कि अगर रैली तय तारीख पर ही करनी है तो इसे रामलीला मैदान की जगह बुराड़ी मैदान में कराया जाए। व्यापारियों के मुताबिक, वहां करीब 15 हजार गाड़ियों को खड़ा करने की जगह मिल सकती है।

10 लाख लोगों की भीड़ से जाम का डर

व्यापारियों का कहना है कि रामलीला मैदान में 15 से 20 हजार गाड़ियों को खड़ा करने की जगह नहीं है। इतनी बड़ी भीड़ आने पर पुरानी दिल्ली और आसपास की सड़कों पर लंबा जाम लग सकता है। उनका दावा है कि इससे करीब 20 बड़े बाजारों में रोजाना होने वाला 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का कारोबार रुक सकता है। इन बाजारों से देश के कई हिस्सों में सामान भेजा जाता है।

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