Kerala Corruption Case: 20 साल पुराने केस में CEC ज्ञानेश कुमार का जिक्र, ₹700 करोड़ के कथित नुकसान की जांच जारी

20 साल पुराने केस में CEC ज्ञानेश कुमार का जिक्र, ₹700 करोड़ के कथित नुकसान की जांच जारी
केरल में करीब दो दशक पुराने लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) की प्रारंभिक जांच जारी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल में करीब दो दशक पुराने लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) की प्रारंभिक जांच जारी है। यह मामला सड़क निर्माण परियोजना में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। उस समय ज्ञानेश कुमार केरल के लोक निर्माण विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे। वह वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) हैं।

केरल के लोक निर्माण विभाग के मंत्री पीए मोहम्मद रियास ने बुधवार को राज्य विधानसभा में बताया कि मामले की जांच के आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने अधिकारियों की कथित अनियमितताओं के कारण सरकार को करीब 700 करोड़ रुपये का नुकसान होने का भी जिक्र किया।

विधानसभा में भाजपा विधायकों ने उठाया मामला

विधानसभा में भाजपा विधायकों बीबी गोपकुमार, वी. मुरलीधरन और राजीव चंद्रशेखर ने प्रश्नकाल के दौरान इस मामले में चल रही सतर्कता जांच की स्थिति के बारे में सवाल पूछे।

इसके जवाब में मंत्री ने बताया कि वर्ष 2006 में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से की गई जांच में कुछ विसंगतियां सामने आई थीं। इन्हीं के आधार पर मामले की प्रारंभिक जांच के आदेश दोबारा दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच अभी जारी है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

215 करोड़ रुपये की थी सड़क निर्माण परियोजना

यह मामला वर्ष 2006 में शुरू हुई केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट से जुड़ा है। इसके तहत अंगमाली से तिरुवनंतपुरम तक एमसी रोड के पुनर्निर्माण का काम किया जाना था। इस परियोजना की लागत करीब 215 करोड़ रुपये थी और इसके लिए विश्व बैंक से वित्तीय सहायता मिली थी।

परियोजना का ठेका मलेशियाई कंपनी और भागीरथ इंजीनियरिंग के संयुक्त उद्यम पीएटीआई-बेल को दिया गया था। निर्माण कार्य के दौरान कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद वर्ष 2006 में भी मामले की जांच की गई थी। अब उसी मामले से संबंधित कथित गड़बड़ियों की दोबारा जांच की जा रही है।

परियोजना के इंजीनियर ने की थी शिकायत

इस परियोजना में सड़क निर्माण से जुड़े काम की जिम्मेदारी मलेशियाई कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बीन के पास थी। उन्होंने निर्माण कार्य के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद वह मलेशिया लौट गए थे। बाद में उनकी मौत हो गई थी। उस समय उनकी मौत को लेकर आत्महत्या की खबरें सामने आई थीं।

विधानसभा में मंत्री ने दावा किया कि कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के कारण सरकार को करीब 700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, इस नुकसान और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

उस समय PWD सचिव थे ज्ञानेश कुमार

इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम इसलिए चर्चा में है, क्योंकि संबंधित परियोजना के दौरान वह केरल के लोक निर्माण विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे। फिलहाल वह भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

वर्ष 2006 में हुई सतर्कता जांच में कथित विसंगतियां सामने आने के बाद अब मामले की प्रारंभिक जांच दोबारा की जा रही है। VACB की रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच के निष्कर्षों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर स्थिति रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

Created On :  

Tags

Next Story