Bihar MLC Election Result: 34 घंटे की मतगणना के बाद पलटा दरभंगा स्नातक सीट का नतीजा, RJD के अनिल झा ने BJP के सर्वेश कुमार को हराया

34 घंटे की मतगणना के बाद पलटा दरभंगा स्नातक सीट का नतीजा, RJD के अनिल झा ने BJP के सर्वेश कुमार को हराया
बिहार की दरभंगा स्नातक विधान परिषद सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अनिल कुमार झा ने जीत दर्ज की है।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की दरभंगा स्नातक विधान परिषद सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अनिल कुमार झा ने जीत दर्ज की है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी सर्वेश कुमार को शिकस्त दी। करीब 34 घंटे से अधिक समय तक चली मतगणना में मुकाबला लगातार दिलचस्प बना रहा। शुरुआती दौर में बढ़त बनाने वाले सर्वेश कुमार को अंत में हार का सामना करना पड़ा। वहीं, वरीयता आधारित मतगणना और एलिमिनेशन राउंड के बाद अनिल कुमार झा जीत हासिल करने में सफल रहे।

बुधवार सुबह शुरू हुई मतगणना गुरुवार देर शाम तक चली। इस दौरान कभी भाजपा प्रत्याशी की बढ़त से एनडीए खेमे में जीत की उम्मीद जगी, तो कभी मतों के बदलते समीकरणों ने मुकाबले को नया मोड़ दे दिया। चुनाव के दौरान मतपत्रों की वैधता को लेकर विवाद, अभिकर्ताओं के बीच कहासुनी और पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा में रही। इसके अलावा, राजद नेताओं ने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

10वें राउंड तक BJP प्रत्याशी की थी बढ़त

मतगणना के शुरुआती चरण से ही भाजपा के सर्वेश कुमार और राजद के अनिल कुमार झा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। 10वें राउंड तक सर्वेश कुमार 16,115 मतों के साथ पहले स्थान पर थे। वहीं, अनिल कुमार झा को 14,615 मत मिले थे। इस तरह भाजपा प्रत्याशी 1,500 मतों से आगे चल रहे थे।

इस मुकाबले में जन सुराज के प्रत्याशी मोहम्मद इम्तियाज नूरानी भी अहम स्थिति में थे। उन्हें 10,227 मत मिले थे। शुरुआती रुझानों में सर्वेश कुमार की बढ़त के बावजूद जीत का फैसला नहीं हो सका।

दरअसल, पहली वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद भी कोई प्रत्याशी जीत के लिए निर्धारित 31,911 मतों का कोटा हासिल नहीं कर पाया। इसके बाद मतगणना दूसरी वरीयता के मतों और एलिमिनेशन राउंड की ओर बढ़ी। यहीं से चुनाव का समीकरण बदलने लगा।

वरीयता के मतों ने बदला चुनावी गणित

पहली वरीयता के मतों से किसी प्रत्याशी को जीत नहीं मिलने के बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती शुरू हुई। इस प्रक्रिया में सबसे कम मत पाने वाले प्रत्याशियों को नियमों के अनुसार क्रमशः मुकाबले से बाहर किया गया। उनके मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के आधार पर मतों का हस्तांतरण किया गया।

इस प्रक्रिया के दौरान शुरुआती बढ़त के बावजूद सर्वेश कुमार अपनी स्थिति बरकरार नहीं रख सके। दूसरी ओर, अनिल कुमार झा के पक्ष में मतों का समीकरण बदलता गया। लंबी मतगणना और कई चरणों के बाद राजद प्रत्याशी ने जीत दर्ज कर ली।

दरभंगा स्नातक सीट का यह नतीजा दिखाता है कि वरीयता आधारित चुनाव में शुरुआती बढ़त के आधार पर अंतिम परिणाम का अनुमान लगाना आसान नहीं होता। जीत का फैसला सभी निर्धारित चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद ही हुआ।

मतगणना केंद्र पर अभिकर्ताओं के बीच विवाद

मतगणना के दौरान दरभंगा केंद्र पर मतपत्रों की वैधता को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। इसी दौरान भाजपा और राजद के अभिकर्ताओं के बीच कहासुनी हुई। पुलिस के मुताबिक, हंगामे के मामले में राजद के दो और भाजपा के तीन अभिकर्ताओं समेत कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस ने कहा कि इस घटनाक्रम के बावजूद मतगणना की प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई। हालांकि, अभिकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद मामला और गरमा गया। राजद के नेताओं और समर्थकों ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई।

RJD ने प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल

मतगणना केंद्र पर हुई कार्रवाई के बाद राजद नेताओं ने प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। पार्टी समर्थकों का आरोप था कि प्रशासन भाजपा प्रत्याशी को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहा है और कार्रवाई के जरिए अनिल कुमार झा के पक्ष के लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है।

इन आरोपों के बीच मिथिलांचल के राजद नेताओं और समर्थकों का मतगणना केंद्र के बाहर जुटना शुरू हो गया। इससे केंद्र के आसपास राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं।

हालांकि, प्रशासन पर पक्षपात के आरोप राजद की ओर से लगाए गए थे और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। पुलिस का कहना था कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई। इस तरह चुनावी मुकाबला केवल मतगणना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जुड़ गए।

लंबी मतगणना ने बढ़ाई प्रत्याशियों की बेचैनी

इस चुनाव में मतगणना का लंबे समय तक चलना सबसे अधिक चर्चा में रहा। पहली वरीयता के मतों की गिनती से लेकर एलिमिनेशन राउंड और अगली वरीयताओं के मतों के हस्तांतरण तक प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की नजरें नतीजों पर टिकी रहीं।

हर चरण के साथ जीत की संभावनाओं को लेकर आकलन बदलता रहा। शुरुआती बढ़त के चलते भाजपा खेमे को जीत की उम्मीद थी, जबकि राजद समर्थक वरीयता के मतों से नतीजा बदलने की संभावना जता रहे थे। आखिरकार, मतगणना के सभी चरण पूरे होने के बाद जीत राजद के खाते में गई।

अनिल कुमार झा ने कहा - यह जनबल की जीत है

जीत के बाद मीडिया से बातचीत में अनिल कुमार झा ने इसे जनबल की जीत बताया। उन्होंने कहा, "यह जनबल की जीत हुई है। इतिहास गवाह है कि लोकतंत्र में हमेशा जनबल जीतता है और धनबल हारता है। यह चुनाव जनबल और धनबल के बीच था।"

उन्होंने कहा कि एक सामान्य आर्थिक पृष्ठभूमि वाला साधारण कार्यकर्ता चुनाव लड़ रहा था, जबकि उनके सामने खड़े प्रत्याशियों की आर्थिक हैसियत काफी अधिक थी। झा के मुताबिक, उनकी जीत से यह संदेश गया है कि केवल पैसे के दम पर चुनाव नहीं जीता जा सकता। जनता का समर्थन और आशीर्वाद मिलने पर एक सामान्य कार्यकर्ता भी चुनाव जीत सकता है।

बिहार की आठ विधान परिषद सीटों के नतीजे

बिहार की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए सामने आए नतीजों की सूची इस प्रकार है।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र

दरभंगा: अनिल कुमार झा — RJD

पटना: नीरज कुमार — JDU

तिरहुत: वंशीधर बृजवासी — निर्दलीय

कोसी: एनके यादव — BJP

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र

दरभंगा: सुरेश राय — जन सुराज

सारण: राहुल राज — निर्दलीय

पटना: संजीव कुमार — RJD

तिरहुत: नरेंद्र प्रसाद सिंह — BJP

दरभंगा स्नातक सीट पर अनिल कुमार झा की जीत के साथ लंबी और उतार-चढ़ाव भरी मतगणना का अंत हुआ। शुरुआती दौर में पिछड़ने के बावजूद वरीयता आधारित मतगणना के अंतिम चरणों में राजद प्रत्याशी ने मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया।

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