महाराष्ट्र MLC चुनाव: MVA की जीत, महायुति में घमासान! BJP ने शिंदे गुट पर फोड़ा हार का ठीकरा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। इसके बाद राजनीति तेजी से गरमा गई है। प्रदेश की 5 सीटों पर हुए चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति ने सिर्फ 2 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) ने 3 सीटों पर विजय दर्ज की। इसके बाद महायुति में नोकझोंक की खबर सामने आई है। वहीं, MVA इस जीत से गदगद नजर आ रही है।
नतीजे घोषित होने के बाद बीजेपी नाराज नजर आ रही है। वह इस हार का जिम्मेदार शिवसेना के शिंदे गुट को मान रही है। इस पर शिंदे गुट की प्रतिक्रिया सामने आई है। उसका कहना है कि परिवार में नोकझोंक तो चलती रहती है।
BJP ने क्या कहा?
एमएलसी चुनाव के नतीजों पर फडणवीस सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने बयान दिया है। उनका कहना है, "महायुति के तौर पर एक साथ लड़ना चाहिए था। एक साथ की ताकत से ही जीते थे ना विधानसभा चुनाव। एक हैं तो सेफ हैं, कटोगे तो बटोगे, यह महायुति में भी लागू होता है। फेविकोल की तरह महायुति को जुड़े रहना होगा।"
शिवसेना के शिंदे गुट पर लगे ये आरोप
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने गठबंधन धर्म ठीक से नहीं निभाया। इसी वजह से हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया, "शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों में पुणे और नागपुर जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर सहयोगी पार्टी शिवसेना ने उस तरह से सहयोग नहीं दिया, जैसी उम्मीद थी।"
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उन्होंने आगे बताया कि पुणे में शिवसेना के शिंदे गुट ने ऐन मौके पर निर्दलीय प्रत्याशी सचिन सनाप को समर्थन दे दिया था। इससे महायुति को बड़ा झटका लगा। उन्होंने यह भी बताया कि छत्रपति संभाजीनगर में अब्दुल सत्तार ने नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के खिलाफ सीधा प्रचार किया। इसका खामियाजा भी गठबंधन को भुगतना पड़ा।
शिवसेना के शिंदे गुट ने दिया जवाब
बीजेपी के इन आरोपों पर शिवसेना के शिंदे गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने जवाब देते हुए कहा कि हम एक परिवार हैं और इसमें नोकझोंक होती रहती है। हम एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर रह रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं।
बताते चलें कि 4 राज्यों की 28 सीटों पर एमएलसी चुनाव हुए थे। इनमें बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक शामिल हैं।
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