CEC Controversy: INDIA गठबंधन की रैली पर सियासी घमासान, विपक्षी नेताओं ने केंद्र पर लगाए आरोप

INDIA गठबंधन की रैली पर सियासी घमासान, विपक्षी नेताओं ने केंद्र पर लगाए आरोप
1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की रैली को लेकर वामपंथी नेता हन्नान मोल्लाह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाए ,कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने रैली, विपक्षी एकजुटता और एमएलसी चुनाव के नतीजों को रैली के समर्थन में बताया , कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने कर्नाटक दिवस होने की वजह से रैली से बनाई दूरी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 1 नवंबर को प्रस्तावित INDIA गठबंधन की रैली को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस और वामपंथी नेताओं ने केंद्र सरकार पर रैली को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। नेताओं का कहना है कि रैली में मजदूरों, किसानों, महिलाओं, छात्रों और युवाओं की भागीदारी रहेगी। हालांकि, रैली की अनुमति और उससे जुड़े प्रतिबंधों को लेकर सरकार की ओर से दिए गए पक्ष की जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी।

CPI(M) नेता हन्नान मोल्लाह ने दावा किया कि विभिन्न जन संगठनों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं और छात्रों ने रैली को समर्थन दिया है। उनके मुताबिक, सरकार ने पहले अनुमति दी थी, लेकिन बाद में बड़ी भीड़ जुटने और मांगें जोर-शोर से उठने की आशंका के चलते रैली को लेकर अड़चनें पैदा की जाने लगीं। उन्होंने सरकार के इस रुख को डर और घबराहट का नतीजा बताया। मोल्लाह ने चांदनी चौक में छठ से एक दिन पहले होने वाले कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने संबंधी तर्कों पर भी सवाल उठाए।

वहीं, कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने हाल में घोषित विधान परिषद चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए INDIA गठबंधन की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वाराणसी में समाजवादी पार्टी की जीत गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागपुर में कांग्रेस की एमएलसी सीट पर जीत का भी उल्लेख किया और इसे बीजेपी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र में अहम बताया।

मल्लू रवि ने दावा किया कि विधान परिषद चुनाव में INDIA गठबंधन के घटक दलों ने कुल 10 सीटें जीतीं, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी रहे। उन्होंने इन नतीजों को विपक्षी गठबंधन के लिए उत्साहजनक बताया। एक नवंबर की रैली को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि एक नवंबर को कर्नाटक राज्योत्सव मनाया जाता है। इसी दिन राज्य को अलग राज्य का दर्जा मिला था। उन्होंने बताया कि संवैधानिक जिम्मेदारियों के कारण कर्नाटक के मंत्री रैली में शामिल नहीं हो पाएंगे। इस बारे में पार्टी हाईकमान को पहले ही जानकारी दे दी गई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अन्य विधायक और कार्यकर्ता सावधानी बरतते हुए रैली में शामिल हो सकते हैं।

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