नहीं चली ममता की जिद: गवर्नर ने बर्खास्त की सरकार, अब मुख्यमंत्री नहीं कहलाएंगी दीदी

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीएम पद से इस्तीफा देने से मना कर दिया था। इसके बाद राज्यपाल आरएन रवि ने अपने विवेक का इस्तेमाल कर 7 मई, 2026 को मंत्रिमंडल बर्खास्त कर दिया है। गवर्नर ने यह फैसला संवेधानिक प्रक्रिया के तहत लिया है। बता दें कि 7 मई को ममता सरकार का पांच साल का कार्याकल समाप्त हो गया है।
कब हुआ था ममता सरकार का गठन
बंगाल में ममता सरकार का गठन 8 मई, 2021 को हुआ था। जिसके 5 साल 7 मई, 2026 को पूरे हो गए है। वहीं, बीजेपी के पास सरकार बनाने के लिए पूर्व बहुमत है। इसके लिए पार्टी की तरफ से तैयारियां लगभग पूरी कर ली है। राज्यपाल ने यह कदम इसलिए उठाया है कि विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी 206 सीटों पर जीती है, जबकि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) 80 सीटों पर ही सिमट गई। टीएमसी बहुमत का आंकडें से कही दूर है।
ममता ने इस्तीफे पर क्या कहा?
टीएमसी प्रमुख ने चुनाव हारने के बाद मंगलवार (6 मई) को कहा था कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। इस दौरान उन्होंने परिमाणों को लेकर आरोप लगाया, "जनादेश नहीं बल्कि एक साजिश" है। इसके साथ ही कहा कि वह सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ेगी और विपक्षी इंडिया गठबंधन को मजबूत करने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने आगे यह भी कहा कि इस चुनाव में उनका मुकाबला बीजेपी के खिलाफ नहीं था, बल्कि चुनाव आयोग से था।
ममत बनर्जी ने कहा था, "मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हमारी हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है। मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी। लगभग 100 सीट पर जनादेश को लूट लिया गया और उनकी पार्टी का मनोबल गिराने के लिए जानबूझकर मतगणना धीमी की गई।"
Created On :   7 May 2026 8:06 PM IST













