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108 फुट ऊंची झंडेवालान हनुमान प्रतिमा से भी ऊंची हैं ये प्रतिमाएं

BhaskarHindi.com | Last Modified - August 29th, 2018 19:00 IST

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत एक ऐसा देश है जो पूरे विश्व में अपनी संस्कृति के लिए पहचाना जाता है। भारत में बहुत से ऐसे स्थान है जो लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं और विश्व में उनकी अलग ही पहचान है। भारत में ही विश्व के अजूबों में शुमार ताजमहल भी है और ढेरों लुभावने किले भी, लेकिन आज हम बात करने जा रहे हैं भारत में बनी उन विशालकाय प्रतिमाओं के बारे में जो सबका ध्यान अपनी और खिंचती है। इन प्रतिमाओं को देखकर जितना लोग श्रद्धा में डूब जाते हैं उतना ही उनका विशालकाय रूप देखकर हैरान भी हो जाते हैं। चूंकि हिन्दू धर्म में मूर्तियों को ईश्वर का स्वरूप मानकर पूजा जाता है तो इनकी महत्ता भारत में और अधिक बढ़ जाती है। 

वीर अभया अंजनेया स्वामी

वीर अभया अंजनेया स्वामी नाम की ये प्रतिमा परम राम भक्त हनुमान की प्रतिमा है। ये प्रतिमा आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा के पास परिताला शहर में बनी है। इस मूर्ति की ऊंचाई 135 फुट है। ये हनुमान स्वामी प्रतिमा भारत की सबसे ऊंची प्रतिमा है। यह 22 जून 2003 में स्थापित की गई थी।

पद्मसंभव की प्रतिमा

पद्मसंभव भारत के साधु पुरूषों में एक हैं जिन्होंने 8वीं शताब्दी में बौद्ध धर्म के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनको गुरू रिन्पोछे और लोपों रिन्पोछे के नाम से भी जाना जाता है। ये प्रतिमा हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में प्रसिद्ध रेवालसर झील के पास स्थित है। इस पद्मसंभव प्रतिमा की ऊंचाई 123 फीट है।

मुरुदेश्वर भगवान

मुरुदेश्वर प्रतिमा भगवान शिव की विशाल मूर्ति दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में उत्तर कन्नड़ जिले के मुरुदेश्वर शहर में स्थित है। मुरुदेश्वर भगवान शिव का एक नाम है। ये बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है। मुरुदेश्वर सागर तट बहुत ही सुंदर जगह है जहां भगवान के भव्य दर्शन के साथ-साथ सुंदर प्राकृतिक नजारे भी देखने को मिलते हैं। इस मंदिर व प्रतिमा की ऊंचाई 122 फुट है।

हनुमान की मूर्ति

हनुमान भगवान की ये मूर्ति हिमाचल प्रदेश में शिमला के निकट जाखू पहाड़ी पर बनाई गई है। 2010 में इस प्रतिमा का शिलान्यास किया गया था। इस प्रतिमा की ऊंचाई है 108 फुट, जो बर्फ से लदे पहाड़ों में बेहद खूबसूरत लगती है। यहां सूर्योदय और सूर्यास्त पर भव्य नजारा देखने को मिलता है। 

झंडेवालान हनुमान मंदिर

दिल्ली के करोलबाग के पास स्थापित ये भगवान हनुमान की प्रतिमा लगभग 108 फुट ऊंची है। इस मंदिर के निर्माण का कार्य 1994 में शुरू हुआ था और लगभग 13 साल बाद ये मूर्ति वहां स्थापित की गयी। ये प्रतिमा वाकई कला और श्रद्धा का एक बेजोड़ नमूना है। 

मिन्ड्रोलिंग मठ बुद्ध प्रतिमा

भगवान गौतम बुद्ध यह विशाल की प्रतिमा देहरादून के मिंद्रोल्लिंग मठ में स्थित है। यह मिन्ड्रोलिंग मठ भारत के प्रमुख मठों में और तिब्बत के न्यिंगमा स्कूल के 6 प्रमुख मठों में से एक है। इस मठ की ऊंचाई 107 फुट है।

नांदुरा मारुति मूर्ति

भगवान हनुमान की ये विशाल प्रतिमा महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में नांदुरा शहर में है। इस प्रतिमा को 1931 में ब्रिटिश राज के दौरान स्थापित किया गया था। इस मूर्ति की ऊंचाई लगभग 105 फुट है।

शिव मूर्ति, हर की पौड़ी

हर की पौड़ी भारत के उत्तराखंड राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थल हरिद्वार में स्थित है। हर की पौड़ी का भावार्थ है 'हरी' यानि भगवान शिव के चरण। इस प्रतिमा की ऊंचाई 100 फुट है। हरिद्वार घाट पर गंगा स्नान करना यहां आए आए हर श्रद्धालु की सबसे प्रबल इच्छा होती है क्योंकि यह माना जाता है कि यहाँ पर पवित्र गंगा नदी में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

संत तिरुवल्लुवर की प्रतिमा

यह प्रतिमा कन्याकुमारी का प्रमुख चिन्ह स्थल है। 133 फुट की यह पत्थर की बनी एक विशालकाय खड़ी प्रतिमा है जो प्रसिद्ध सन्त और तमिल कवि थिरूवल्लूवर को समर्पित है।

चिन्मय गणाधीश

चिन्मय गनाधिश प्रतिमा महाराष्ट्र में कोल्हापुर में स्थित भगवान गणेश की सबसे ऊंची और भव्य मूर्ति है। इस प्रतिमा की ऊंचाई तकरीबन 85 फुट है। इस प्रतिमा की स्थापना 19 नवंबर 2001 को की गई थी।

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