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गांव में बन रही थी जहरीली शराब, 75 लीटर जब्त, खोखर्रा में पकड़ी गई अवैध फैक्ट्री 

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 14th, 2018 14:30 IST

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गांव में बन रही थी जहरीली शराब, 75 लीटर जब्त, खोखर्रा में पकड़ी गई अवैध फैक्ट्री 

डिजिटल डेस्क, सतना। जिले में अवैध शराब बनाकर सप्लाई करने वाले माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही करते हुए संयुक्त आबकारी टीम ने गुरूवार को उचेहरा क्षेत्र के खोखर्रा गांव में छापा मारकर 170 क्विंटल लावारिश महुआ-लाहन नष्ट कर दिया। वहीं 75 लीटर जहरीली मदिरा जब्त कर ली। हालांकि मौके पर कोई भी आरोपी पकड़ में नहीं आया, अलबत्ता बस्ती व कुछ अन्य जगहों पर दबिश में आधा दर्जन आरोपी गिरफ्त में आ गए।

कलेक्टर मुकेश शुक्ल के निर्देश पर सहायक आबकारी आयुक्त पीएल राकेश द्वारा गठित किए गए 2 विशेष दलों ने मुखबिर की सूचना पर संयुक्त रूप से खोखर्रा गांव जाकर वृहद सर्च आपरेशन चलाया। जिसमें नदी के किनारे करीब 1 किलोमीटर क्षेत्र में झाड़ियों और गड्ढों की आड़ में छिपाए गए 2 क्विंटल क्षमता वाले प्लास्टिक के 75 ड्रम और 20 किलो वाले प्लास्टिकों के 100 डिब्बों में सड़ रहा 170 क्विंटल महुआ-लाहन बरामद किया, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

आबकारी टीम ने ड्रम व डिब्बों को भी बेकार कर दिया, ताकि अवैध धंधे में लिप्त अपराधी दोबारा इस्तेमाल ना कर सकें। मौके से बड़े-बड़े गैलनों में कुल 75 लीटर शराब भी जब्त की गई। अवैध फैक्ट्री पर छापे की कार्यवाही में लगभग 5 लाख 25 हजार 470 रूपए मूल्य का सामान जब्त किया गया है। 

इन पर भी चला डंडा
अवैध शराब फैक्ट्री को तहस-नहस करने के बाद संयुक्त आबकारी दस्ते ने ग्राम खोखर्रा निवासी रूपा आदिवासी के कब्जे से 15 किलो व सियाबाई कोल से 2 क्विंटल महुआ-लाहन जब्त किया तो कारीमाटी निवासी पुरषोत्तम आदिवासी से 2 लीटर और ग्राम अखाड़ में रहने वाली शकुन्तला पाल से 20 लीटर कच्ची शराब बरामद की। वहीं गोबरांव में दबिश देकर सुखलाल कोल से 25 किलो लाहन जब्त कर नष्ट कर दिया। 

ढाबे से बियर और शराब जब्त
आबकारी टीम ने सतना नदी के पास संचालित मेघराज होटल में छापा मारकर अनंतराम जायसवाल के कब्जे से 12 बोटल बियर और 2 पाव अंग्रेजी शराब जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की। उक्त होटल में शराबखोरी कराने की शिकायत काफी समय से मिल रही थी। पूर्व में भी यहां छापे पड़ चुके हैं। 

करते हैं यूरिया और बेसरम का इस्तेमाल
बताया जाता है कि इस गांव के लगभग हर घर में हाथ भी मदिरा बनाने का काम होता है। माफिया की शह पर बस्ती के लोग सालों से अवैध धंधे में लिप्त हैं। इनके द्वारा मदिरा में नशे की मात्रा बढ़ाने के लिए यूरिया और बेसरम का भी इस्तेमाल कर पीने वालों की जान से खिलवाड़ भी किया जा रहा है।
 

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