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9 वर्ष बाद अंधी हत्या का खुलासा: पति निकला पत्नी का कातिल, चरित्र संदेह पर कर दी थी हत्या

9 वर्ष बाद अंधी हत्या का खुलासा: पति निकला पत्नी का कातिल, चरित्र संदेह पर कर दी थी हत्या

डिजिटल डेस्क सतना। धारकुंडी पुलिस को 9 वर्ष पहले हुई एक महिला की अंधी हत्या का खुलासा करने में कामयाबी मिली है। पुलिस ने हत्या के आरोपी पति को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया है। हत्या के आरोपी ने चरित्र संदेह के चलते अपनी पत्नी की निर्मम हत्या कर बोरे में लाश बंद कर जंगल में फेंक दी थी।

क्या है मामला- 
धारकुंडी थाना क्षेत्र के प्रतापपुर निवासी प्रेमलाल शुक्ला ने 4 जुलाई को थाना पुलिस को बताया कि उनके कुएं की सफाई के दौरान श्रमिक तेजवा कोल को मिली एक बोरी में मानव कंकाल है। मामला संज्ञान में आने पर  धारकुंडी के थाना प्रभारी पवन राज धारा 174 के तहत कायमी करते हुए जब्ती बनाई और कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। जांच से ये तथ्य सामने आया कि मामला हत्या का है और लगभग 9 वर्ष पुराना कंकाल किसी महिला का है। इसी आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारकुंडी थाने में आईपीसी के सेक्सन के तहत हत्या और साक्ष्य छिपाने का अपराध दर्ज किया गया। 

ऐसे हुआ खुलासा-  
जांच के दौरान प्रतापपुर समेत पुलिस से समूचे इलाके में 8-9 वर्ष गायब महिलाओं से संबंधित तथ्य जुटाने शुरु किए। इसी बीच ये सच सामने आया कि  प्रतापपुर निवासी रामपाल साकेत की पत्नी फूलकुमारी 9 साल से लापता है। मगर,रामपाल ने न तो कभी पत्नी की तलाश के प्रयास किए और न ही इस संबंध में पुलिस को पत्नी के गुमशुदा होने की इत्तला ही दी थी। शक  के इसी आधार पर पुलिस ने संदेही पति  रामपाल साकेत पिता ददुलाई साकेत (45) से पूछताछ की तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। 

चरित्र पर संदेह और हत्या की थी आशंका-
पत्नी की हत्या के आरोपी रामपाल साकेत ने पुलिस को बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था। पत्नी फूलकुमारी ने वर्ष 2006 और वर्ष 2008 में गांव के ही दो युवकों पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे और फिर अदालत में पलट गई थी। इतना ही नहीं फूल कुमारी ने अपने पति के विरुद्ध दहेज प्रताडऩा और अपने पिता  तथा भाई के खिलाफ भी मारपीट के अपराध दर्ज कराए थे। आरोपी रामपाल साकेत ने बताया कि उसे डर था कि उसकी पत्नी कभी भी उसकी हत्या कर सकती है।

रामपाल ने माना कि उसने इसी डर से फूलकुमारी की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी और शव को घर के पास ही दफन कर दिया था। एक वर्ष बाद उसने कंकाल को निकाला और बोरी में भरकर कुएं में फेेंक आया था। पुलिस ने दफन की गई जगह पर फिर से खुदाई कराई तो 2 हड्डी के टुकड़े और छीटदार साड़ी के टुकड़े मिले। 

डीजीपी को भेजा इनाम का प्रतिवेदन 
पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने इस कामयाबी पर धारकुंडी के थाना प्रभारी पवन राज,  एएसआई आरएन रावत, आरक्षक अमित मिश्रा और आरक्षक अंकेश मरमट को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही डीजीपी वीके सिंह और आईजी चंचल शेखर को अवगत कराया को दोनो अधिकारियों ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई।डीजीपी ने पचास हजार के इनाम का प्रस्ताव भी मांग लिया जिस पर प्रतिवेदन तुरंत पीएचक्यू भेज दिया गया।
 

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