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'पद्मावती' के विरोध में चित्तौड़गढ़ बंद आज, SC सुनवाई के लिए तैयार

November 17th, 2017 14:28 IST
'पद्मावती' के विरोध में चित्तौड़गढ़ बंद आज, SC सुनवाई के लिए तैयार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संजय लीला भंसाली की मोस्ट कॉन्ट्रोवर्शियल फिल्म 'पद्मावती' को लेकर लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म के प्रति अपना विरोध दिखाने के लिए राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में कई संगठनों ने शुक्रवार को बंद की घोषणा की है। पूरे देश में फिल्म को लेकर बवाल मचा हुआ है लेकिन इस मामले में गृह मंत्रालय हस्तक्षेप करने के इरादे में नहीं दिख रहा है। मंत्रालय को उम्मीद है कि इससे जुड़े सभी पक्ष मामले को सुलझा लेंगे। हालांकि इस मुद्दे की संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है।

सुनवाई का समय अभी तय नहीं

सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर कब सुनवाई करेगा, इसकी अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है। एक जनहित याचिका में मांग की गई थी कि फिल्म से आपत्तिजनक दृश्य हटा दिए जाए। गौरतलब है कि फिल्म का विरोध कर रहे लोग अब गंदी भाषा का प्रयोग और किसी का अपमान करने से भी नहीं चूक रहे हैं। बता दें करणी सेना ने इस बार अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को धमकी दे डाली है। करणी सेना के नेता महीपाल सिंह मकराना ने गुरुवार को धमकी देते हुए कहा कि अगर बॉलीवुड फिल्म पद्मावती पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया और दीपिका पादुकोण अपनी भड़काऊ बातों से हमारी भावनाओं को भड़काना बंद नहीं करती हैं तो जिस तरह से रामायण में सूपर्णखा की नाक काट दी गई थी, वैसा ही उनके साथ भी कर दिया जाएगा। इस धमकी को दिए जाने के बाद मुंबई पुलिस ने गुरुवार को दीपिका की सुरक्षा बढ़ा दी है। 

दीपिका के पक्ष में उतरीं उमा भारती


राजपूत करणी सेना की ओर से दीपिका पादुकोण को मिली नाक काटने की धमकी के बाद केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने इस बात पर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने दीपिका के पक्ष में बोलते हुए कहा कि हम पद्मावती के सम्मान की बात करते हैं, तो हमें सभी महिलाओँ के सम्मान का ध्यान रखना होगा। उन्होंने एक ट्वीट कर कहा,'फिल्म पद्मावती के संदर्भ में उस फिल्म की अभिनेत्री या अभिनेताओं के बारे में कोई भी टिप्पणी उचित नहीं है। उनकी आलोचना अनैतिक होगी।' उमा ने कहा कि पद्मावती फिल्म के निर्देशक और उसके स्क्रिप्ट राइटर ही ऐसी स्टोरी लिखने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्हें ही लोगों की भावनाओं और ऐतिहासिक तथ्यों का ध्यान रखना था।

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