comScore

मझगवां में सीआरपीएफ के ट्रेनिंग सेंटर की उम्मीद बंधी, स्थल  निरीक्षण

मझगवां में सीआरपीएफ के ट्रेनिंग सेंटर की उम्मीद बंधी, स्थल  निरीक्षण

डिजिटल डेस्क सतना। दस्यु प्रभावित तराई अंचल के मझगवां जनपद मुख्यालय की 270 एकड़ भूमि में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ ) के ट्रेनिंग स्कूल और बटालियन के लिए स्थानीय मुख्यालय की स्थापना की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इन्हीं संभावनाओं के तलाश में शुक्रवार को भोपाल से सतना और फिर मझगवां पहुंचे सीआरपीएफ  की एमपी सेक्टर के आईजी आरपी पांडेय ने स्थल निरीक्षण किया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कमांडेंट आरजी वर्मा, कलेक्टर डा.सतेन्द्र सिंह, एसपी रियाज इकबाल, एडीशनल एसपी गौतम सोलंकी  और तहसीलदार नितिन झोंड  भी उनके साथ थे। सभी ने सीआरपीएफ के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया। एसडीएम हेमकरण धुर्वे ने बताया कि निरीक्षण के दौरान भूमि की उपयुक्तता और विस्तार के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। 
पहले से प्रस्तावित है पीटीएस  
उल्लेखनीय है, मझगवां में पहले से ही एक पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (पीटीएस) का प्रस्ताव है। जानकारों के मुताबिक ये दीगर बात है कि पीटीएस का प्रोजेक्ट कई वर्षों से पुलिस मुख्यालय भोपाल की फाइलों में बंद है। माना जा रहा है कि अगर सीआरपीएफ के ट्रेनिंग स्कूल को हरी झंडी मिलती है तो मझगवां में प्रस्तावित पुलिस के ट्रेनिंग सेंटर की जमीन इसी प्रयोजन से समायोजित की जा सकती है। 
 अनुकूल हैं सभी परिस्थितियां  
जानकारों ने बताया कि मझगवां में सीआरपीएफ के टे्रनिंग स्कूल और बटालियन मुख्यालय के लिए चिन्हित 270 एकड़ जमीन बुलेट प्वाइंट की दृष्टि से सर्वथा अनुकूल है। मसलन-हवाई अड्डा,नेशनल और स्टेट हाइवे, रेलवे स्टेशन  हास्पिटल और पुलिस थाना के लिहाज से प्रस्तावित भूखंड  सीआरपीएफ के ट्रेनिंग स्कूल के लिए काफी उपयुक्त है। उल्लेखनीय है,मध्यप्रदेश में सीआरपीएफ के अभी 2 कैंप हैं। एक शिवपुरी और दूसरा भोपाल मेें है। चिन्हित स्थल से सबसे कम दूरी पर उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद का सेंटर है।  
 गृह मंत्रालय लेगा अंतिम फैसला 
 मझगवां में स्थल निरीक्षण के बाद सीआरपीएफ  की एमपी सेक्टर के आईजी आरपी पांडेय ने बताया कि इस संबंध में वे अपनी एक रिपोर्ट राज्य शासन को और दूसरी रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपेंगे। उन्होंने बताया कि वे गृह मंत्रालय के निर्देश पर आए हैं। श्री पांडेय ने बताया कि इस संदर्भ में अंतिम फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय करेगा। 
 2 साल पहले प्रशासन ने ऑफर की थी 100 एकड़ जमीन 
 उल्लेखनीय, दस्यु प्रभावित मझगवां तहसील के नयागावं इलाके में वर्ष 2017 में तबके कलेक्टर नरेश पाल ने सीआरपीएफ के ट्रेनिंग कैंप के लिए 100 एकड़ सरकारी जमीन आफर की थी। असल में मझगवां के एसडीएम ने नयागांव स्थित शासकीय भूमि (आराजी नंबर-96/1) के 100.170 हेक्टेयर में से अंश रकबा 40 हेक्टेयर को सीआरपीएफ के ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना के लिए आरक्षित किए जाने का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा था। इस प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने केंद्रीय सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) के मुख्यालय को पत्र लिख कर सहमति भी चाही थी लेकिन इस मसले पर सीआरपीएफ के दिलचस्पी नहीं दिखाने पर अंतत: जिला प्रशासन ने अक्टूबर 2017 को ट्रेनिंग सेंटर के लिए शासकीय भूमि आरिक्षत करने संबंधी प्रस्ताव को अंतत: खारिज (प्रकरण नंबर-आरसीएमएस-0045/ अ 19 (3) / 16-17 कर दिया था।   
 

कमेंट करें
cKMhP