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नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म करने वाले को उम्र कैद, नर्स को 7 साल की जेल

नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म करने वाले को उम्र कैद, नर्स को 7 साल की जेल

डिजिटल डेस्क,सतना। नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी बाप को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। चतुर्थ अपर सत्र अदालत ने अपराध छिपाने और गर्भपात करने वाली वाली नर्स को 7 साल के कठोर करावास की सजा से दंडित किया है। अभियोजन के अनुसार आरोपी बाप ने नाबालिग लड़की के गुम होने की सूचना कोलगवां थाने में दर्ज कराई गई थी। 

नर्स ने किया था गर्भपात

पीड़िता ने बताया कि आरोपी पिता उसके साथ गलत काम करता था। गर्भ ठहरने पर वह उसे आरोपिया नर्स के पास लेकर गया। जहां उसे गोली खिलाई, लेकिन गर्भ नहीं गिरने पर दूसरे दिन इंजेक्शन लगाकर नर्स ने गर्भ गिरा दिया। पीड़िता के बयान के आधार पर कोलगवां थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र अदालत में पेश किया। अदालत ने भादवि की धारा 376, 313 और 201 का अपराध करने वाले आरोपी बाप को उम्र कैद की सजा के साथ 8 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। इस घिनौरे जुर्म में आरोपी का साथ देकर गर्भ गिराने वाली नर्स सपना उर्फ गुड़िया पांडेय पत्नी संतोष पांडेय निवासी हनुमान नगर नई बस्ती को भादवि की धारा 313 व 201 के अपराध में जेल और 3 हजार रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया है। अभियोजन की ओर से डीपीओ रामपाल सिंह ने पक्ष रखा। 

हमलावर को जेल

चरवाहे के साथ मारपीट करने वाले आरोपी को अदालत ने 3 माह के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश उमेश पटेल की अदालत ने आरोपी पर 2 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार 24 अपै्रल 2011 को दोपहर ढाई बजे फरियादी संतोष बकरियां चरा रहा था। पीआरओ फखरुद्दीन ने बताया कि माद के दुधरुआ खेत के पास फरियादी धूप होने के कारण पेड़ के नीचे बकरियों को लेकर छाया में खड़ा हो गया। इसी बीच रामसखी केवट आया और बोला यहां से चले जाओ, पेड़ हमारा है। फरियादी बोला अभी धूप है, वह चला जाएगा। इसी पर सभी आरोपियों ने मारपीट किया। आरोपी रामरतन ने कुल्हाड़ी से उसके सिर में मार दिया । रिपोर्ट पर कोलगवां पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया। आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र अदालत में पेश किया। अदालत ने भादवि की धारा 324 का आरोप साबित पाए जाने पर आरोपी रामरतन केवट पिता रामसखी केवट निवासी माद को जेल और जुर्माने की सजा से दंडित किया है। जबकि आरोपी रामसखी केवट, रामसमाली केवट और सम्पत केवट को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।  अभियोजन की ओर से डीपीओ हरिकृष्ण त्रिपाठी ने पक्ष रखा। 
 

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