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PM मोदी और जर्मन चांसलर की बैठक, 11 समझौतों पर साइन, आतंकवाद पर चर्चा

PM मोदी और जर्मन चांसलर की बैठक, 11 समझौतों पर साइन, आतंकवाद पर चर्चा

हाईलाइट

  • IGC की 5वीं बैठक में भारत - जर्मन के बीच 11 समझौते
  • दोनों देशों का रिश्ता लोकतंत्र और विश्वास पर आधारित - PM मोदी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अपने दो दिवसीय दौरे पर भारत आई जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच आज (शुक्रवार) इंटर-गवर्मेंट कंसल्टेशन (IGC) की 5वीं बैठक हुई। इस द्विपक्षीय बैठक में भारत और जर्मनी के बीच अंतरिक्ष, नागरिक उड्डयन और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए। साथ ही दोनों पक्षों ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, कौशल,  शिक्षा, साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों में सहयोग पर भी जोर दिया गया।

आतंकवाद पर निशाना

इस दौरान आतंकवाद पर भी दोनों नोताओं के बीच चर्चा की गई। उन्होंने सभी देशों से आतंकवादी सुरक्षित ठिकानों और उसके बुनियादी ढांचे को खत्म करने, आतंकवादी नेटवर्क को बाधित करने और आतंकवादियों के सीमा पार करने से रोकने की दिशा में काम करने का आह्वान भी किया।

न्यू इंडिया बनाने का लक्ष्य

पीएम मोदी का साल 2022 तक देश को न्यू इंडिया बनाने का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि 'साल 2022 में स्वतंत्र भारत 75 वर्ष का होगा, तब तक हमने न्यू इंडिया के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इस बहुआयामी प्रयास में भारत की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के लिए जर्मनी जैसे टेक्नोलॉजिकल और इकोनॉमिक पावर हाउस की क्षमताएं उपयोगी होंगी।'

दोनों देशों ने ही न्यू एंड एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, कौशल, शिक्षा, साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष बल दिया है। पीएम मोदी ने बताया कि 'दोनों देशों ने ई - मोबिलिटी, स्मार्ट सिटीज़, वॉटर वेज़, तटीय प्रबंधन, नदियों की सफाई और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग की नई संभावनाओं को विकसित करने का फैसला लिया है।'

लोकतंत्र पर आधारित भारत-जर्मनी का रिश्ता

पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच के संबंधों को लोकतंत्र और विश्वास पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि 'भारत और जर्मनी के विश्वास और मित्रतापूर्ण संबंध, लोकतंत्र और कानून नियमावली जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। इसी कारण विश्व की गंभीर चुनौतियों के बारे में दोनों देशों के दृष्टिकोण में समानता है।' पीएम मोदी ने कहा कि 'हम आतंकवाद से लड़ने के लिए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करेंगे।' इसके अलावा पीएम मोदी ने जर्मनी के निर्यात नियंत्रण क्षेत्र में भारत की सदस्यता का समर्थन करने के लिए जर्मनी का आभार भी व्यक्त किया।

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