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पैनासोनिक ओपन पर गोल्फर शिव कपूर का कब्जा, अदिति ने जीता तीसरा खिताब

November 05th, 2017 21:53 IST
पैनासोनिक ओपन पर गोल्फर शिव कपूर का कब्जा, अदिति ने जीता तीसरा खिताब

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी में रविवार को भारतीय गोल्फर शिव कपूर ने 3 शॉट से पैनासोनिक ओपन गोल्फ टूर्नामेंट खिताब अपने नाम कर लिया है। यह उनका भारत में पहला एशियाई टूर खिताब है। शिव कपूर ने दिल्ली गोल्फ क्लब में चौथे और अंतिम दौर में चार अंडर 68 के स्कोर के साथ यह टूर्नामेंट जीता है। कपूर का यह इस सत्र का दूसरा एशियाई टूर खिताब है।

अदिति अशोक ने जीता तीसरा खिताब

युवा भारतीय गोल्फर अदिति अशोक ने फातिमा बिन मुबारक महिला ओपन खिताब अपने नाम कर लिया। अंतिम चरणों में कुछ परेशान कर देने वाले क्षणों से बचते हुए 19 वर्षीय अदिति ने आखिर में इस खिताब पर कब्जा जमा लिया। अदिति का यह प्रदर्शन अगले हफ्ते होने वाले हीरो इंडियन ओपन में उनके प्रतिद्वंद्वियों के लिए चेतावनी है, जिसमें अदिति अपना खिताब बरकरार रखने उतरेंगी। अदिति का पिछले 12 महीनों से भी कम समय यह तीसरा लेडीज ओपन टूर खिताब है। अदिति ने पिछले साल हीरो इंडियन ओपन और कतर महिला ओपन में खिताब हासिल किया था। भारत की दूसरी गोल्फर वाणी कपूर (70) संयुक्त 57वें स्थान पर रहीं।

शिव की पांच बर्डी और एक बोगी

शिव ने अंतिम दौर में पांच बर्डी की लेकिन एक बोगी भी कर गए। वह साथी भारतीय खिलाड़ियों अजितेश संधु (65), सुधीर शर्मा (69) और चिराग कुमार (64) से तीन शॉट आगे रहे। चिराग ने अंतिम दौर में 9 बर्डी और एक बोगी जबकि संधु ने 8 बर्डी और एक बोगी की। कपूर ने अप्रैल में यींगदर हेरिटेज खिताब भी जीता था जबकि मौजूदा सत्र में वह थाईलैंड ओपन में भी उपविजेता रहे। उन्होंने अपना पहला एशियाई टूर खिताब 2005 में वोल्वो मास्टर्स ऑफ एशिया के रूप में जीता था। 

सात गोल्फर 14 अंडर 274 के कुल स्कोर के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे, जिससे शीर्ष 10 में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा रहा। अमेरिका के पॉल पीटरसन भी संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे। वह तीसरे दिन के बाद संयुक्त रुप से शीर्ष पर थे। करणदीप कोचर (66), एसएसपी चौरसिया (69) और ओम प्रकाश चौहान (69) भी संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे। 

मैं कभी इतना आगे नहीं गया

शिव ने कहा, मेरे पास इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। आप जीतने का सपना देखते हो, लेकिन मैं अपने करियर में कभी इतना आगे नहीं गया। इसलिए मैंने कभी अपने जीवन में स्पीच की तैयारी नहीं की। उन्होंने कहा, जब मैंने वोल्वो मास्टर्स जीता तो यह मेरे लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला था और इसके बाद लंबा अंतराल आ गया और मुझे नहीं पता था कि मैं दोबारा जीत सकूंगा या नहीं, लेकिन यींगदर में जीत ने मुझे आत्मविश्वास दिया कि मैं फिर जीत सकता हूं। 

अन्य भारतीयों में हनी बैसोया (68) और शमीम खान (72) कुल 276 के स्कोर से संयुक्त नौवें स्थान पर रहे। उनके तीन शॉट पीछे गगनजीत भुल्लर संयुक्त 12वें जबकि शुभंकर शर्मा (69) संयुक्त 18वें स्थान पर रहे।

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