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ममता ने बिना शर्त मानी डॉक्टरों की मांगें, बोलीं...न गिरफ्तार किया, न एस्मा लगाया


हाईलाइट

  • ममता ने मांगी डॉक्टरों की मांग
  • सीएम की माफी पर अड़े जूडा
  • कई राज्यों में फैलती जा रही हड़ताल

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान सामने आया है, ममता का कहना है कि उन्होंने डॉक्टरों की हड़ताल पर काफी नरमी दिखाई है, न ही उन्होंने किसी डॉक्टर की गिरफ्तारी करवाई और न  ही राज्य में एस्मा कानून लगाया, ममता ने कहा कि न चाहती हैं कि जूनियर डॉक्टर काम पर वापस आ जाएं, उनकी सभी मांगे पूरी की जा चुकी हैं, अब उन्हें भी संविधान का सम्मान करना चाहिए।

केंद्र ने राज्य से मांगी रिपोर्ट

इस मामले में अब केंद्र सरकार ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्र ने एडवायजरी जारी करते हुए राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है। केंद्र ने कहा है कि डॉक्टरों की हड़ताल के कारण पूरे देश को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, पश्चिम बंगाल के अलावा और कई राज्यों के डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं।

एडवायजरी में गृह मंत्रालय ने कहा है कि मंत्रालय ने मेडिकल संगठनों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों से मुलाकात की है, देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार से अपील की है कि डॉक्टरों की हड़ताल पर जल्द से जल्द एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाए। इससे पहले भी केंद्र 9 जून को पश्चिम बंगाल के लिए एडवायजरी जारी कर चुका है।

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुए हमले के खिलाफ सुरक्षा की मांग पर जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पांच दिन से जारी है, जिसकी वजह से सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से आए बातचीत के प्रस्ताव को जूनियर डॉक्टरों ने ठुकरा दिया है।

ममता ने डॉक्टरों को राज्य सचिवालय में बुलाया था, लेकिन डॉक्टर अपनी मांग पर अड़े हुए हैं कि ममता को डॉक्टरों से मिलने आंदोलन स्थल एनआरएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल आना चाहिए और डॉक्टरों पर झूठे आरोप लगाने के लिए माफी मांगनी चाहिए। 

पश्चिम बंगाल डॉक्टर्स फोरम के अध्यक्ष अर्जुन सेनगुप्ता ने आईएनएस को बताया कि जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी है, लेकिन गंभीर रूप से बीमार मरीजों का उपचार किया जा रहा है। राज्य सरकार के साथ बैठक करने के मामले में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

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