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श्रीसंत ने SC से कहा, पुलिस की यातना से बचने के लिए कबूल की थी स्पॉट फिक्सिंग की बात

January 31st, 2019 16:29 IST
श्रीसंत ने SC से कहा, पुलिस की यातना से बचने के लिए कबूल की थी स्पॉट फिक्सिंग की बात

हाईलाइट

  • SC ने श्रीसंत से पूछा, स्पॉट फिक्सिंग मामले के बारे में उन्होंने BCCI को क्यों नहीं बताया
  • श्रीसंत की पैरवी वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद कर रहे हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंत ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि, उन्होंने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की यातना से बचने के लिए 2013 IPL स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने की बात कबूली थी। श्रीसंत ने न्यायाधीश अशोक भूषण, न्यायाधीश के.एम. जोसेफ की पीठ को बताया कि दलालों ने उन्हें स्पॉट फिक्सिंग में घसीटने की कोशिश की थी, लेकिन वह इसमें फंसे नहीं थे। 

श्रीसंत पर इस विवाद के चलते आजीवन प्रतिबंध लगाया गया है। श्रीसंत की बात को साबित करने के लिए उनके वकील ने श्रीसंत और बुकी के बीच मल्लायम में हुई बातचीत का अनुवाद अदालत को बताया। अदालत ने इस पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से जवाब मांगा है। साथ ही पूर्व खिलाड़ी द्वारा दिए गए दस्तावेजों पर भी जबाव देने को कहा है। 

श्रीसंत की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने कहा कि श्रीसंत पर तौलिया के जरिए स्पॉट फिक्सिंग करने का आरोप है, लेकिन तौलिया मैदान पर हर खिलाड़ी रखता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में काफी कुछ कहा जा चुका है। 

अदालत ने श्रीसंत से पूछा कि बुकी द्वारा संपर्क करने की बात को उन्होंने BCCI को क्यों नहीं बताया। अदालत ने साथ ही कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि मैदान पर श्रीसंत का व्यवहार गलत था। केरल हाई कोर्ट ने श्रीसंत पर BCCI द्वारा लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को बरकरार रखा है। इसी फैसले को श्रीसंत ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 

BCCI ने 15 मई, 2018 को श्रीसंत की उस अपील का विरोध किया था। जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे प्रतिबंध को कम करने की मांग की थी। ताकि वह इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेल सकें। दिल्ली पुलिस ने श्रीसंथ के अलावा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स के अजित चंडीला और अंकित चव्हाण को 2013 स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार किया था। 

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