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आधी रात को नकली टीसी ने बर्थ दिलाने के नाम पर युवती की आबरु से किया खिलवाड़

September 09th, 2019 18:25 IST
आधी रात को नकली टीसी ने बर्थ दिलाने के नाम पर युवती की आबरु से किया खिलवाड़

डिजिटल डेस्क जबलपुर। काशी एक्सप्रेस रात 2 बजे के आसपास सिहोरा से होकर जब जबलपुर स्टेशन की ओर आ रही थी, उसी समय ट्रेन के एस-3 कोच में हड़कम्प मच गया जब कोच की की बर्थ नं. 39 पर बैठी युवती सुनीता बदला हुआ नाम जोर-जोर से चीखने-चिल्लाते हुए भागी और ट्रेन के टीसी रामलखन सोनी पर आबरु से खिलवाड़ करने का आरोप लगाकर रोने लगी। युवती का रोना सुनकर कोच में सो रहे यात्रियों की नींद खुल गई और उन्होंने जैसे ही युवती
की पीड़ा को समझा, पास ही सफेद शर्ट और काली पेंट पहने खुद को टीटी बताने वाले अधेड़ व्यक्ति को पकड़ लिया। इसी बीच गश्त कर रहे जीआरपी के आरक्षक राजेन्द्र पांडे और  शारदा पांडे भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जबलपुर स्टेशन आने पर पीडि़त युवती और खुद को टीटी बताने वाले अधेड़ व्यक्ति को ट्रेन से नीचे उतारा और जीआरपी थाने ले गए। बाद में पूछताछ में पता चला कि नकली टीसी डीजल शेड कटनी में ए-ग्रेड फिटर है।
कोई मदद की जरुरत हो तो बताना, कह गए सहानुभूति जताई थी
जानकारी के अनुसार काशी एक्सप्रेस से सहारापुरा से कुर्ला मुंबई जा रही युवती के पास कन्फर्म सीट नहीं थी। कटनी से ट्रेन में सवार हुए रामलखन सोनी ने थोड़ी ही देर में इस बात को भांप लिया और कपड़ों का फायदा उठाकर वो टीटी बन गया। उसने देखा कि कोच में अधिकांश यात्री गहरी नींद में सो रहे हैं, ऐसे में मौके का फायदा उठाकर वो सुनीता के पास पहुंचा और उसने कहा कि कोई जरुरत हो तो बताना। युवती उसके टीटी वाले गैटअप देखकर धोखा खा गई, उसने बर्थ मांगी तो टीटी बने रामलखन ने उसे बर्थ नं. 39 पर बिठा दिया। थोड़ी देर के बाद जब युवती को नींद आने लगी तो मौका पाकर वो युवती के पास पहुंचा और अश्लील हरकतें करने लगा। पहले तो युवती ने विरोध किया लेकिन जब वो नहीं माना तो वो उसे धक्का देकर बाहर की ओर भागी और हल्ला मचा दिया।
जीआरपी के आरक्षक आए तो उन्हें धमकाने लगा
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है िक जबलपुर स्टेशन पर जीआरपी के आरक्षक राजेन्द्र पांडे और शारदा पांडे जब पीडि़त युवती और नकली टीटी रामलखन को ट्रेन से उतारकर जीआरपी थाने ले जाने लगे तो रामलखन ने ये कहते हुए उन्हें धमकाया कि उसका बेटा सब इंस्पेक्टर है, वो तुम्हें देख लेगा। इस धमकी के बाद बावजूद जीआरपी के आरक्षक उसे थाने ले गए और दोनों के बयान दर्ज किए। उसके बाद युवती को काशी एक्सप्रेस से आगे के लिए रवाना कर दिया गया लेकिन रामलखन को थाने में बिठाए रखा। वहीं जीआरपी थाना प्रभारी सुनील नेमा का कहना है कि रामलखन का पांव युवती को लग गया था, जिसे लेकर विवाद हो गया था, बाद में समझाइश के बाद दोनों में समझौता हो गया।
 

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