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अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद, अब यूरेनियम और हैवी वॉटर का प्रोडक्शन बढ़ाएगा ईरान


हाईलाइट

  • अमेरिकी प्रतिबंध झेल रहा ईरान यूरेनियम और हैवी वॉटर प्रोडक्शन को बढ़ाने की तैयारी कर रहा है
  • परमाणु समझौते के कुछ प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करने के फैसले के तहत ईरान ऐसा कर रहा है
  • गुरुवार को ईरान सरकार की ओर से यह जानकारी दी गयी है

डिजिटल डेस्क, तेहरान। अमेरिकी प्रतिबंध झेल रहा ईरान यूरेनियम और हैवी वॉटर प्रोडक्शन को बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। परमाणु समझौते के कुछ प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करने के फैसले के तहत ईरान ऐसा कर रहा है। गुरुवार को ईरान सरकार की ओर से यह जानकारी दी गयी है।

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रवक्ता बेहरूज कमालवांडी ने कहा, जिस दिन राष्ट्रपति (हसन रूहानी) ने यह आदेश दिया, उसके बाद से यूरेनियम और हैली वॉटर की क्षमता और उत्पादन की गति बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राष्ट्रपति हसन रूहानी ने आठ मई को घोषणा की थी कि 2015 में दुनिया की महाशक्तियों के साथ हुए परमाणु समझौते के तहत यूरेनियम और भारी जल के भंडारण पर लगे प्रतिबंध को अब वह नहीं मानेगा।

अमेरिका के परमाणु समझौते से हटने के बाद ईरान ने प्रतिक्रिया स्वरूप यह कदम उठाया है। उनके मुताबिक अब ईरान किसी भी तय सीमा से बंधा हुआ नहीं है। परमाणु समझौते के तहत ईरान 130 टन यूरेनियम और 300 किलोग्राम हैवी वॉटर के भंडारण कर सकता था।

बता दें कि जुलाई 2015 में ईरान का अमेरिका समेत दुनिया की 6 बड़ी ताकतों के साथ परमाणु समझौता हुआ था, जिसे जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ ऐक्शन (JCPOA) नाम से जाना जाता है। अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान समझौते को गलतियों से भार बताते हुए इस तोड़ दिया था और उस पर कड़े प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था।

यह प्रतिबंध दो चरणों में लागू करने की घोषणा की थी। ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान उसे मिल रही परमाणु सामग्री का इस्तेमाल हथियार बनाने में कर रहा है। ईरान परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल बना रहा है। वह सीरिया, यमन और इराक में शिया लड़ाकों और हिजबुल्लाह जैसे संगठनों को हथियार सप्लाई कर रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा था कि जो भी देश ईरान की मदद करेगा उसे भी प्रतिबंध झेलना पड़ेगा।

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