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इमरान को फजलुर रहमान का अल्टीमेटम, दो दिनों में दें इस्तीफा नहीं तो गिरफ्तार

इमरान को फजलुर रहमान का अल्टीमेटम, दो दिनों में दें इस्तीफा नहीं तो गिरफ्तार

हाईलाइट

  • प्रधानमंत्री इमरान खान को इस्तीफे के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया है
  • आजादी मार्च का नेतृत्व करने वाले फजलुर रहमान ने यह अल्टीमेटम
  • आजादी मार्च इस्लामाबाद तक पहुंच गया है

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। आजादी मार्च का नेतृत्व करने वाले फजलुर रहमान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को इस्तीफे के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। फजलुर रहमान जमीयते उलेमाए इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के नेता है। उनके नेतृत्व में किया जा रहा आजादी मार्च इस्लामाबाद तक पहुंच गया है।

मौलाना फजल ने इस्लामाबाद के मेट्रो ग्राउंड पर विशाल सभा में कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान को इस्तीफा देने और राष्ट्रीय प्रष्ठिानों को इस सरकार का समर्थन बंद करने के लिए वह दो दिन की मोहलत दे रहे हैं। इस सभा में पाकिस्तान के विपक्षी दलों के तमाम वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।

मौलाना ने कहा कि वह राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों के साथ टकराव नहीं बल्कि इनका स्थायित्व चाहते हैं। लेकिन, इसके साथ-साथ इन्हें निष्पक्ष भी देखना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, अगर हम महसूस करेंगे कि इस नाजायज हुकूमत के पीछे प्रतिष्ठान हैं और वे इसकी सुरक्षा कर रहे हैं तो फिर दो दिन की मोहलत है, उसके बाद हमें न रोका जाए कि हम प्रतिष्ठानों के बारे में क्या राय बनाएं। प्रधानमंत्री इमरान खान के पास इस्तीफा देने के लिए दो दिन का समय है। अन्यथा, इस विशाल जनसमूह के पास यह ताकत है कि वह प्रधानमंत्री के घर जाकर उन्हें गिरफ्तार कर ले।

मौलाना ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी एक दल का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र का है। सभी का यही कहना है कि आम चुनाव एक फ्राड था और अवाम धांधली का शिकार हुए थे। बहुत मोहलत दे दी, अब और नहीं दे सकते। इस सरकार को जाना होगा। देश यही चाहता है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने वादे के मुताबिक, पचास लाख घर बनाने के बजाए पचास लाख घर गिरा दिए। एक करोड़ नौकरियां देने के बजाए पच्चीस लाख लोगों को बेरोजगार कर दिया। अवाम को ऐसे अक्षम हुक्मरानों के रहमो-करम पर नहीं छोड़ा जा सकता।

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