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राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची केंद्र सरकार, कहा- विवादित स्थल छोड़कर बाकी जमीन रामजन्मभूमि न्यास को सौंप दी जाए

January 29th, 2019 21:32 IST
राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची केंद्र सरकार, कहा- विवादित स्थल छोड़कर बाकी जमीन रामजन्मभूमि न्यास को सौंप दी जाए

हाईलाइट

  • केंद्र के पास है विवादित स्थल की 70 एकड़ जमीन
  • 2.77 एकड़ हिस्से पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनाया था फैसला
  • 0.313 एकड़ के हिस्से पर ही खड़ा है पूरा विवाद

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर बड़ा कदम उठाया है। सु्प्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र सरकार ने कहा है कि अयोध्या में विवादित स्थल को छोड़कर बाकी जमीन रामजन्मभूमि न्यास को सौंप दी जानी चाहिए। याचिका में सरकार ने कहा है कि जिस भूमि पर विवाद है उसे सुप्रीम कोर्ट अपने पास ही रखे।

सरकार की मंशा है कि गैर विवादित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को दे दी जाए, ताकि उस हिस्से पर मंदिर का निर्माण शुरू किया जा सके। बता दें कि 29 जनवरी को ही राम मंदिर मामले में सुनवाई की जानी थी, लेकिन जस्टिस बोबड़े के छुट्टी पर चले जाने के कारण सुनवाई टल गई। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मोदी सरकार ने कहा है कि अयोध्या में हिंदू पक्षकारों का हिस्सा रामजन्मभूमि न्यास के हवाले कर दिया जाए। इसके अलावा भारत सरकार को 2.77 एकड़ जमीन का कुछ हिस्सा लौटा दिया जाए।

बता दें कि अयोध्या में रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद के चलते 70 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के पास है। इस भूमि के 2.77 एकड़ हिस्से पर ही इलाहाबाद हाइकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था। पूरा विवाद सिर्फ 0.313 एकड़ के हिस्से पर है। सुप्रीम कोर्ट ने 1993 में इस जमीन पर स्टे लगा दिया था, कोर्ट ने यहां किसी भी तरह का कोई निर्माण करने से भी रोक लगा दी थी।

दरअससल, राम मंदिर मामले की सुनवाई पांच जजों की बेंच कर रही है। बेंच में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई, जस्टिस अब्दुल नजीर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ जस्टिस एसए बोबड़े और जस्टिस अशोक भूषण शामिल हैं। मामले में 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन जस्टिस एसए बोबड़े के छुट्टी पर चले जाने के कारण सुनवाई टल गई।

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