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RBI को बड़ा झटका, डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने दिया इस्‍तीफा


हाईलाइट

  • RBI के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने दिया इस्तीफा
  • 7 महीने के भीतर ऐसा दूसरी बार किसी बड़े अधिकारी ने दिया इस्तीफा
  • कार्यकाल पूरा होने से पहले डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने दिया इस्तीफा

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने अपने पद से कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दे दिया है। 7 महीने के भीतर ऐसा दूसरी बार हुआ है। जब आरबीआई के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने अपने पद से कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दिया है। इससे पहले आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने दिसंबर में निजी कारण बताते हुए अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया था। 

बता दें कि डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कार्यकाल पूरा होने के करीब छह महीने पहले ही अपने पद को छोड़ दिया है। विरल आचार्य आरबीआई के उन बड़े अधिकारियों में शामिल थे जिन्‍हें उर्जित पटेल की टीम का हिस्‍सा माना जाता था। जानकारी मुताबिक विरल आचार्य अब न्‍यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के सेटर्न स्‍कूल ऑफ बिजनेस में बतौर प्रोफेसर ज्‍वाइन करेंगे। 

हालांकि, अभी उनके इस्तीफे के पीछे की वजहों का पता नहीं लग पाया है। उर्जित पटेल को आरबीआई का गवर्नर बनाए जाने के बाद दिसंबर 2016 में आचार्य को बैंक में डिप्टी गवर्नर के पद पर नियुक्त किया गया था। बता दें कि आचार्य ने तीन साल के लिए आरबीआई के बतौर डिप्‍टी गवर्नर 23 जनवरी 2017 को ज्‍वाइन किया था। इस हिसाब से वह करीब 30 महीने केंद्रीय बैंक के लिए अपने पद पर कार्यरत रहे। 

बता दें, भले उर्जित पटेल ने इस्तीफे के कारण निजी बताए हों, लेकिन कुछ जानकारों का कहना है कि आरबीआई की स्वायत्तता सहित कई मुद्दों पर सरकार के साथ बढ़ते मतभेदों के बीच उर्जित पटेल ने गवर्नर पद से दिसंबर 2018 में इस्तीफा दे दिया था। पटेल के इस्तीफे के बाद शक्तिकांत दास को गवर्नर नियुक्त किया गया था। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भारतीय इकोनॉमी के लिहाज से उर्जित पटेल का तीसरा बड़ा इस्तीफा था। इससे पहले अरविंद सुब्रमण्यम ने जुलाई 2018 में व्यक्तिगत कारणों से मुख्य आर्थिक सलाहकार पद से इस्तीफा दे दिया था।वहीं अगस्‍त 2017 में नीति आयोग के उपाध्यक्ष रहे अरविंद पनगढ़िया ने पद छोड़ दिया। 

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