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ट्विटर ने पॉलिटिकल एड पर लगाया बैन, CEO डोर्सी बोले-पॉलिटिक्स में इससे बड़ा जोखिम

ट्विटर ने पॉलिटिकल एड पर लगाया बैन, CEO डोर्सी बोले-पॉलिटिक्स में इससे बड़ा जोखिम

हाईलाइट

  • ट्विटर ने दुनियाभर में राजनीतिक विज्ञापन पर लगाया प्रतिबंध
  • ट्विटर पर 12 नवंबर से पॉलिटिकल एड बैन

डिजिटल डेस्क। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर ने एक बड़ा फैसला किया है। ट्विटर पर दुनियाभर में अब किसी भी प्रकार के पॉलिटिकल एडवरटाइजमेंट (राजनीतिक विज्ञापन) नहीं दिखाई देंगे। यह फैसला ट्विटर ने सोशल मीडिया पर राजनेताओं द्वारा दी जा रही गलत सूचनाओं पर चिंता जताते हुए किया है। ट्विटर के CEO जैक डोर्सी ने कहा कि, कमर्शियल विज्ञापनदाताओं के लिए इंटरनेट पर एडवरटाइजमेंट बेहद प्रभावी होते हैं। पॉलिटिक्स में इससे बड़ा जोखिम हो सकता है। ट्विटर के पॉलिटिकल एडवरटाइजमेंट से जुड़े सभी नए नियम 22 नवंबर से लागू होंगे। 

डोर्सी ने ट्वीट कर कहा कि, इंटरनेट एडवरटाइजमेंट व्यावसायिक विज्ञापनदाताओं के लिए अविश्वसनीय रूप से शक्तिशाली और बेहद प्रभावी हैं। पॉलिटिक्स में इसका इस्तेमाल वोटों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है। इससे लाखों लोगों का जीवन प्रभावित होगा। हालांकि, फेसबुक पहले ही साफ कर चुका है कि वह पॉलिटिकल एडवरटाइजमेंट को बंद नहीं करेगा।

डोर्सी ने कहा, ‘‘नई नीति के बारे में विस्तृत जानकारी अगले महीने नवंबर में जारी की जाएगी। पॉलिटिकल मुद्दों के साथ-साथ उम्मीदवारों के एडवरटाइजमेंट पर भी प्रतिबंध रहेगा। पहले हम केवल उम्मीदवारों के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने वाले थे। लेकिन, यह भी सही नहीं है कि, वे उन मुद्दों से जुड़े विज्ञापन खरीद लें, जिन पर वे ज्यादा जोर देना चाहते हैं। 

फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि, पॉलिटिकल एडवरटाइजमेंट राजस्व का प्रमुख स्रोत नहीं है। लेकिन उनका मानना है कि, इसके जरिए हर किसी को आवाज देना जरूरी है। लेकिन, एडवरटाइजमेंट पर प्रतिबंध लगाने से इससे केवल सत्ताधारियों को फायदा होगा।

वहीं डेमोक्रेटिक नेता हिलेरी क्लिंटन ने पॉलिटिकल एडवरटाइजमेंट पर बैन लगाने के ट्विटर के फैसले की सराहना की। साथ ही उन्होंने फेसबुक को इस पर विचार करने के लिए कहा। ट्विटर के मुख्य वित्तीय अधिकारी नेड सहगल ने कहा कि, इस कदम से थोड़ा वित्तीय प्रभाव भी पड़ेगा। लेकिन, यहां बात सिद्धांत की है, पैसों की नहीं।

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