पैरालंपिक (निशानेबाजी) : स्वर्ण पदक हासिल करने वाली पहली महिला एथलीट बनीं अवनि

August 30th, 2021

हाईलाइट

  • 19 वर्षीय अवनि को 2012 में एक कार दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई थी

डिजिटल डेस्क, टोक्यो। भारत की अवनि लेखरा ने सोमवार को 249.6 के विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच 1 वर्ग में यहां जारी टोक्यो पैरालंपिक खेलों में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही वह देश की पहली महिला एथलीट बनीं जिन्होंने पैरालंपिक में स्वर्ण हासिल किया। 19 वर्षीय अवनि को 2012 में एक कार दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई थी। अवनि ने फाइनल के लिए सातवें स्थान पर क्वालीफाई किया, लेकिन फाइनल में शानदार प्रयास के साथ वह शीर्ष पर पहुंच गई।

चीन की महिला शूटर झांग कुइपिंग 248.9 स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं जबकि यूक्रेन की इरिना शेतनिक ने कुल 227.5 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया। पैरालंपिक खेलों में निशानेबाजी में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक है। ओवरऑल अवनि चौथी भारतीय एथलीट हैं जिन्होंने पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीता है। उनसे पहले तैराक मुरलीकांत पेटकर (1972), भाला फेंक एथलीट देवेंद्र झाझरिया (2004 एंड 2016) और ऊंची कूद एथलीट थंगावेलु मरिपयप्पन (2016) ने स्वर्ण पदक जीते हैं।

इसके साथ ही अवनि भारत की पहली महिला एथलीट हैं जिन्होंने ओलंपिक या पैरालंपिक में स्वर्ण हासिल किया है। पैरा एथलीट दीपा मलिक ने 2016 और पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल ने रविवार को रजत जीता था जबकि ओलंपिक में पीवी सिंधु और मीराबाई चानू ने भारत के लिए रजत जीते थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अवनि को बधाई देते हुए ट्वीट कर कहा, अवनि का अभूतपूर्व प्रदर्शन। स्वर्ण पदक जीतने के लिए आपको बहुत बधाई। यह आपके मेहनती स्वभाव और शूटिंग के प्रति जुनून के कारण संभव हुआ। भारतीय खेलों के लिए यह सचमुच एक विशेष पल है। भवष्यि के लिए आपको शुभकामनाएं।

अवनि के 2020 का पीरियड काफी चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन की वजह से उनकी फिजियोथेरेपी रूटीन प्रभावित हुई। महामारी के कारण फिजियो रूटीन के अलावा उनकी शूटिंग ट्रेनिंग भी काफी प्रभावित हुई। अवनि ने 2019 में क्रोएशिया के ओसिजेक में 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में रजत पदक जीता था।

आईएएनएस