SIR Process: 23 विपक्षी दलों ने सीजेआई सूर्यकांत को लिखा लेटर, SIR प्रक्रिया जांच की मांग, इन एंगल पर फोकस

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में एक बार फिर से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का मुद्दा गरमा सकता है। बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुट की सांसद सारगिका घोष ने तीखा बयान जारी किया है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए वोटर लिस्ट में हेरफेर किया गया है और इससे उसे फायदा पहुंचा है।
CJI को लिखा लेटर
सागरिका घोष का कहना है कि 23 विपक्षी पार्टियों ने संयुक्त रूप से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत को लेटर लिखा है, जिसमें चुनावी प्रक्रिया की न्यायिक जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सागरिका के हवाले से बताया कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल एकजुट हो गए हैं और उन्होंने चुनाव आयोग पर सत्ताधारी पार्टी के पक्ष को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद घोष ने कहा कि गैर-एनएडीए विपक्ष इस बात के लिए पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि एसआईआर में गड़बड़ी को लेकर 23 दलों ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस प्रक्रिया में उस तरीके पर ध्यान दिया जाए, जिसके जरिए बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है।
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AAP-DMK के साइन
राज्यसभा सांसद सागरिका घोष बताती है कि 8 जून को 21 विपक्षी दलों ने एक बैठक की थी। इस दौरान एसआईआर प्रक्रिया का मुद्दा उठाया गया। इस दौरान सभी नेताओं ने विचार-विमर्श किया कि इस प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर सीजेआई को पत्र लिखा जाएगा। उनका कहना है कि इस लेटर पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी हस्ताक्षर किए हैं। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों के बीच मतभेदों को खारिज किया और कहा कि सभी गैर-एनडीए दल मिलकर साथ में काम कर रहे हैं।
Created On :   30 Jun 2026 6:13 PM IST












