Maharashtra Politics: अयोध्या और उज्जैन में घपला... 2029 लोकसभा चुनाव को लेकर चैलेंज, BJP पर गरजे आदित्य ठाकरे

अयोध्या और उज्जैन में घपला... 2029 लोकसभा चुनाव को लेकर चैलेंज, BJP पर गरजे आदित्य ठाकरे
अध्योध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में राजनीति गरमाई हुई हैं। इस मामले को लेकर शिवसेना (उद्धव गुट) विधायक आदित्य ठाकरे ने साल 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर बड़ा दावा किया है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। अध्योध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में राजनीति गरमाई हुई हैं। इस मामले को लेकर शिवसेना (उद्धव गुट) विधायक आदित्य ठाकरे ने साल 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि भाजपा राम मंदिर के नाम पर देशभर में रथ यात्रा निकलती थी, लेकिन आज वही अयोध्या में जमीन घोटाले के मामले में शामिल है। साथ ही उज्जैन का जिक्र करते हुए कहा कि उसने यहां पर उसने यही काम किया है। यानी उनका सीधा तंज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर था।

2029 के चुनाव में बड़ी चुनौती

आदित्य ठाकरे ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "2029 का चुनाव बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। जिस बीजेपी ने देश में और हम सभी को लेकर हिंदुत्व पर राजनीति की, जिस बीजेपी ने इस देश में दंगे करवाए, आज भी पोलराइजेशन कर रहे हैं। आज ये सारे विधायक या सांसद बीजेपी के साथ बैठ रहे हैं या बीजेपी के पास जाएंगे, मैं उन्हें चैलेंज देता हूं कि आने वाले संसद के सत्र में उनसे पूछें कि उज्जैन में कैसे भ्रष्टाचार हुआ? उनसे पूछिए कि अयोध्या में क्यों भ्रष्टाचार हुआ? क्यों घोटाला किया? हिंदुओं की भावनाओं से क्यों खेला गया?"

क्या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी BJP?

शिवसेना उद्धव गुट के विधायक का कहना है, "देश के हिंदू 2029 में ये भी पूछेंगे कि यही वो बीजेपी है जिसने भ्रष्टाचार के आरोपियों को सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री बनाया। क्या यह वही बीजेपी है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ थी? क्या यह वही बीजेपी है जो खुद को हिंदुत्व कहलाती थी। अयोध्या जब घोटाला हुआ तो किसी ने सवाल नहीं पूछने दिया। उज्जैन में भी भ्रष्टाचार हुआ तो मुख्यमंत्री को नहीं बदल रहे हैं। 2029 में परिवर्तन होगा। जिन्होंने अयोध्या और उज्जैन में भ्रष्टाचार किया है, उसे इस देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।"

सचिन के इस्तीफे पर भड़के

एमएलसी सचिन अहिर ने शिवसेना (यूबीटी) छोड़ दी है। इस पर आदित्य ठाकरे भड़क गए और उन्होंने कहा, "पिछले चार वर्षों से हम देख रहे हैं कि जिन्हें सब कुछ मिलता है, वे अपने स्वार्थ के लिए पार्टी छोड़कर चले जाते हैं। हम यह काफी समय से देख रहे हैं, इसलिए इसमें कुछ नया नहीं है और न ही कोई झटका लगा है। वरली-शिवड़ी हमारा गढ़ था और आज भी है. वहां हमारा काम बोलता है, इसलिए किसी के आने या जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता।"

Created On :   30 Jun 2026 7:36 PM IST

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