Gujarat Politics: AAP विधायक चैतर वसावा को 7 साल की जेल, कोर्ट ने पत्नी को भी माना दोषी, क्या है पूरा मामला?

मामला कैसे शुरू हुआ?
आपको बता दें कि, अक्टूबर 2023 में वन विभाग ने सरकारी जंगल की जमीन पर उगाई गई अवैध फसल हटाने की कार्रवाई की थी। इसके बाद किसानों के मुआवजे और दूसरे मुद्दों पर चर्चा करने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों को चैतर वसावा के घर बुलाया गया था। वहीं, बातचीत के दौरान विवाद हो गया। आरोप है कि कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की गई, उन्हें थप्पड़ मारा गया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
फायरिंग और वसूली के आरोप
जांच में यह भी आरोप सामने आया कि डर पैदा करने के लिए हवा में गोली चलाई गई। अभियोजन पक्ष (Prosecutors) के अनुसार, अगले दिन वन अधिकारियों से डराकर 60 हजार रुपये भी लिए गए। मामले के बाद चैतर वसावा कुछ समय तक पुलिस की पकड़ से दूर रहे। बाद में हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर उन्होंने दिसंबर 2023 में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
इस मामले में नवंबर 2023 में एफआईआर दर्ज हुई थी। जनवरी 2024 में चार्जशीट दाखिल की गई और अगस्त 2025 में आरोप तय हुए। सुनवाई के दौरान 17 गवाहों के बयान लिए गए। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राजपीपला की सेशंस कोर्ट ने चैतर वसावा और अन्य आरोपियों को दोषी माना। कोर्ट ने उन्हें सात साल की सजा सुनाई। अब उनके पास फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने का विकल्प है।
Created On :   23 Jun 2026 5:16 PM IST






