G-7 Summit: जी-7 सम्मेलन में भारत की भूमिका पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, ट्रंप-PM मोदी की बैठक पर कर दिया बड़ा दावा

जी-7 सम्मेलन में भारत की भूमिका पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, ट्रंप-PM मोदी की बैठक पर कर दिया बड़ा दावा
फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हुई। ये बैठक जी-7 शिखर सम्मेलन की बाद की है। इसको लेकर कांग्रेस ने एक बयान जारी किया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हुई। ये बैठक जी-7 शिखर सम्मेलन की बाद की है। इसको लेकर कांग्रेस ने एक बयान जारी किया है। जिसमें कहा कि गया है कि इस मीटिंग का पीएम मोदी फायदा उठाएंगे और देश की ऊर्जा संप्रभुता, आर्थिक हितों और रणनीतिक ऑटोनोमी का बचाव करेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है।

भारत की लीडरशिप की भूमिका

कांग्रेस पार्टी के विदेश विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट जारी किया है। इसमें उन्होंने लिखा, "कांग्रेस को उम्मीद थी कि पीएम मोदी फ्रांस में आयोजित जी-7 समिट का इस्तेमाल ग्लोबल साउथ में भारत की लीडरशिप भूमिका को स्थापित करने और भारत की ऊर्जा संप्रभुता, आर्थिक हितों और रणनीतिक ऑटोनोमी का दृढ़ता से बचाव करने के एक मौके की तरह करेंगे, लेकिन यह समिट सिर्फ दावों और नतीजों के बीच एक परेशान करने वाली खाई को दर्शाता है।"

ट्रंप-मोदी की बैठक पर क्या कहा?

कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी बैठकों में उनके साथ गहरी दोस्ती के दावों के बावजूद, पीएम मोदी न तो भारत की ऊर्जा संप्रभुता की रक्षा के लिए राष्ट्रपति के सामने कोई स्पष्ट और मजबूत रुख अपनाया और न ही OFAC से ऐसा सैंक्शन वेवर हासिल कर पाए, जिससे रूस से तेल के आयात को जारी रखा जा सकता था।"

रूसी तेल कटौती का जिक्र

सलमान खुर्शीद का आगे कहना है, "यह एक गंवाया हुआ मौका है और भारत की ऊर्जा संप्रभुता से जुड़े मामलों में भाजपा सरकार के बार-बार किए गए समझौतों को और बढ़ाता है (पहले ईरान और वेनेजुएला से रियायती दाम पर तेल खरीद को बंद कर और उसके बाद रूस से आयात में कटौती कर)। इसका नतीजा ये हुआ कि भारतीयों को ऊंचे दामों पर ईंधन मिलता रहेगा और उपभोक्ता महंगाई का बोझ उठाता रहेगा।"

सीजफायर की भूमिका पर किया दावा

कांग्रेस विदेश विभाग के प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय भी रहस्य ढंग से चुपचाप बैठे रहे, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने अप्रत्यक्ष रूप से यह दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीजफायर कराने में उनकी भूमिका रही थी।" उन्होंने आगे कहा, "इस तरह की चुप्पी को या तो राष्ट्रपति के दावों के सामने मौन स्वीकृति माना जा सकता है या फिर सार्वजनिक रूप से उस बात का खंडन करने की इच्छा ने होने के तौर पर ही देखा जा सकता है। इससे भारत की उस दीर्घकालिक विदेश नीति के सिद्धांत को भी नुकसान पहुंचता है, जिसके मुताबिक द्विपक्षीय मामलों में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया जाता है।"

Created On :   18 Jun 2026 10:04 PM IST

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