नीट पेपर लीक केस: कैबिनेट बिल को कांग्रेस ने मानने से किया इनकार, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक प्रोटेस्ट के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक अहम कानून को मंजूरी दी गई है। इस पर विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए जा रहे है, और उसे मानने से इनकार किया जा रहा है। बिल को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा हम वही मानेंगे जो आधिकारिक होगा। जिस दिन कैबिनट की बैठक हुई उसकी जानकारी एक मंत्री आकर दे रहे हैं साथ-साथ सूत्र क्या होते हैं? बताएं क्या हुआ? NEET आंदोलन पर क्या चर्चा हुई? धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या चर्चा हुई? नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बगैर चर्चा संभव नहीं है। क्या उस पर कोई निर्णय लिया गया? जिस शिक्षा सचिव को वे लाए हैं उन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, क्या आपके पास साफ छवि वाला कोई बचा ही नहीं है? आपको छिपना भी पड़ रहा है तो उनके पीछे छिपना पड़ रहा है जिन पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप हैं।
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हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दिए जाने पर मीडिया के सामने कहा, शिक्षा मंत्री कहीं न कहीं तो जिम्मेदार हैं। उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, यह केवल एक पार्टी की ही मांग नहीं है या केवल राहुल गांधी की मांग नहीं है। ये सभी की मांग है क्योंकि नौजवान का भविष्य अंधकार में डाला गया है।
आपको बता दें आने वाले कानून में पेपर लीक करने वालों के खिलाफ और भी ज्यादा कड़ी सजा का प्रावधान रखा गया है। सरकार का ये भी कहना है कि इसका मकसद प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी को रोकना और छात्रों पर पूरा भरोसा बनाए रखा। ऐसा माना जा रहा है कि इस नए विधेयक को सोमवार 27 जुलाई को शुरु होने वाली संसदीय कार्यवाही के दौरान सदन में पेश किया जा सकता है।
अगर कोई भी गिरोह या ग्रुप मिलकर पेपर लीक करवाता है, तो उसे एक गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 साल की जेल की सजा और 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार का ये भी मानना है कि ये कानून बहुत ही सख्त है और इससे बनने से अपराध पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट की बैठक से एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश को जारी करते हुए कहा था कि पेपर लीक से लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा टूटता है और इस वजह से ही सरकार इस समस्या को हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने ये भी बताया है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों को जल्दी सजा दिलाने की दिशा में काम जारी है। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को जरूरी तैयारी पूरी करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में भी प्रशासनिक बदलाव किया है। 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सेक्रेटरी बनाया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब उम्मीद लगाई जा रही है कि ये विधेयक अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा। साथ ही नीट पेपर लीक मामले की जांच भी जारी रहेगी और अभी तक इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
Created On :   24 July 2026 6:24 PM IST













