राज्यसभा चुनाव 2026: हरियाणा में राज्यसभा की एक सीट पर बीजेपी की जीत पक्की, दूसरी सीट पर बीजेपी-कांग्रेस की कड़ी परीक्षा

हरियाणा में राज्यसभा की एक सीट पर बीजेपी की जीत पक्की, दूसरी सीट पर बीजेपी-कांग्रेस की कड़ी परीक्षा
बीजेपी दूसरी सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारेगी तो एक सीट कांग्रेस ले जाएगी, बीजेपी के दूसरी सीट पर उम्मीदवार उतारने पर चुनाव में होगा कड़ा मुकाबला

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राज्यसभा की 37 सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होंगे। भाजपा ने संजय भाटिया और कांग्रेस ने कर्मवीर सिंह बौद्ध को मैदान में उतारा है। बीजेपी नेता सतीश नांदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया। इस तरह हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटों पर 3 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इससे चुनाव कड़ा हो सकता है।

हरियाणा में दो सीटों पर चुनाव होना है, क्योंकि यहां से किरण चौधरी व रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा हो रहा है। दोनों ही बीजेपी से है,लेकिन विधानसभा में विधायकों के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार बीजेपी व कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट जाने की संभावना है। हालांकि यहां पिछले दो चुनाव में कांग्रेस के साथ खेला हो चुका है। एक बार स्याही बल और एक बार बीजेपी क्रॉस वोटिंग के जरिए चुनाव जीत चुकी है।

90 विधानसभा सीट वाले हरियाणा में एक सीट पर जीतने के लिए 31 विधायकों की जरूरत पड़ेगी, संख्या के हिसाब से बीजेपी एक सीट आसानी से जीत जाएगी जबकि दूसरी सीट के जीतने के लिए उसे 9 विधायक जुटाने पड़ेगे। यदि बीजेपी दूसरी सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारेगी तो एक सीट कांग्रेस ले जाएगी, बीजेपी के उतारने पर दूसरी सीट पर चुनाव होगा। दूसरी सीट के लिए बीजेपी के पास केवल 17 वोट बचेंगे। निर्दलीय के 3 व इनेलो के 2 वोट बीजेपी पक्ष में पड़ते हैं तो भी उन्हें जीत के लिए 9 क्रॉस वोट चाहिए होंगे यानी कांग्रेस के 9 विधायक अगर बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में वोट करेंगे तभी जीत संभव है।

आपको बता दें हरियाणा में पहले भी राज्यसभा के चुनाव में उलटफेर हुआ है। 2016 में बीजेपी ने सुभाष चंद्रा को निर्दलीय चुनाव लड़वाया था। लेकिन स्याही कांड की वजह से पर्याप्त संख्याबल होते हुए कांग्रेस के आर के आनंद चुनाव हार गए थे। 2016 में स्याही कांड के चलते कांग्रेस के 14 वोट कैंसिल हो गए, इसकी वजह से कांग्रेस के आरके आनंद चुनाव हार गए। हालांकि आज तक स्याही कांड का खुलासा नहीं हुआ,ना ही इसकी जानकारी मिली कि कलम किसने बदली, जिसके चलते स्याही बदली और वोट रद्द हुए। ये कांड आरोप -प्रत्यारोप और सुर्खियों में ही दबकर रह गया।

वहीं अगस्त-2022 के चुनावों में क्रॉस वोटिंग के चलते कांग्रेस के अजय माकन को हार का सामना करना पड़ा। जबकि बीजेपी व जेजेपी समर्थन से स्वतंत्र चुनाव लड़ने वाले कार्तिकेय शर्मा जीतने में सफल रहे थे।

आपको बता दें हरियाणा में बीजेपी को एक सीट आसानी से मिल जाएगी, लेकिन दूसरी सीट पर कब्जा करने के लिए उसे 9 अतिरिक्त वोट चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए बीजेपी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में जुट गई है। पिछले कुछ चुनावों में विधायक वोटों की संख्या पूरी नहीं होने के बावजूद बीजेपी चुनाव जीतने में कामयाब रही है, ऐसे में कांग्रेस के लिए अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखना व बीजेपी से सीट छीनना बड़ी चुनौती होगी। दूसरी तरफ बीजेपी दोनों सीट जीतकर मजबूत दावेदारी पेश करना चाहेगी।

Created On :   13 March 2026 5:45 PM IST

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