TMC Bank Account Freeze: ममता बनर्जी को फिर से बड़ा झटका, TMC के 440 करोड़ रुपये वाले तीन बैंक अकाउंट हुए फ्रीज

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में शुक्रवार तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है। टीएमसी के तीन बैंक अकाउंट्स फ्रीज हो गए हैं। HDFC बैंक में मौजूदा टीएमसी के तीन अकाउंट्स से पैसे नहीं निकाले जा सकते। बताया जा रहा है इन सभी खातों में 440 करोड़ रुपये जमा हैं। पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अंदरूनी लड़ाई अब पार्टी के पैसे और संपत्तियों पर आ गई।
कम होने का नाम नहीं ले रही ममता बनर्जी की मुश्किलें
इससे पहले पार्टी के पर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने एचडीएफसी बैंट को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने पार्टी के खातों पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी की पार्टी की असली लीडरशिप कौन है, इस पर अभी कोई साफ जवाब नहीं है। बता दें, अरूप बिस्वास को इसी महीने पद से हटाया गया था। अरूप बिस्वास का यह पत्र बैंक को ऐसे समय में सौंप गया, जब टीएमसी के 20 लोकसभा सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर 'नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में विलय की घोषणा कर दी। इन बागी सांसदों का कहना है कि वे ही असली टीएमसी हैं और पार्टी के नाम और सिंबल पर अपना दावा ठोकेंगे।
चुनाव आयोग को सौंपी गई 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के पास कुल 1,081.78 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें से 625.78 करोड़ रुपये बैंक खातों में हैं, 250.77 करोड़ रुपये का निवेश है और 50 करोड़ रुपये चेक के रूप में है। अरूप बिस्वास ने कहा था कि बैंक को पार्टी के खाते में यथास्थिति बनाए रखनी चाहिए और किसी भी तरह के डेबिट लेनदेन या खाते के संचालन नियमों में बदलाव पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कदम फंड को सुरक्षित रखने और विवाद सुलझने तक किसी भी अनधिकृत निकासी, ट्रांसफर या अन्य लेनदेन को रोकने के लिए जरूरी है।
टीएमसी की संपत्तियों पर खड़ा हुआ नया विवाद
बिस्वास ने दावा किया कि पार्टी के मामलों और संपत्तियों के नियंत्रण को लेकर एक गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। ऐसे में यह शंक होना बिल्कुल स्वाभाविक है कि पार्टी के फंड का इस्तेमाल ऐसे लोग कर सकते हैं, जिन्हें आधिकारिक रूप से इसकी अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा था, 'पार्टी के फंड को सुरक्षित रखा जाना चाहिए और इसका इस्तेमाल केवल उन्हीं लोगों द्वारा किया जाना चाहिए जो पार्टी की वैध और आधिकारिक नेतृत्व का हिस्सा हैं। साथ ही जो कानूनी रूप से पार्टी के नाम, सिंबल, संपत्ति और मामलों पर नियंत्रण रखने के हकदार हैं।
Created On :   19 Jun 2026 11:48 PM IST









