ड्रग्स तस्करी मामला: नाना पटवारी बोले- कांग्रेस अध्यक्ष का भाई होना ही मेरी गलती, जीतू पटवारी ने पुलिस कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रतिशोध

नाना पटवारी बोले- कांग्रेस अध्यक्ष का भाई होना ही मेरी गलती, जीतू पटवारी ने पुलिस कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रतिशोध
शुक्रवार को जीतू और नाना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए राज्य सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई नाना पटवारी को ड्रग्स से जुड़े मामले में पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया है। लेकिन, इस मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। शुक्रवार को जीतू और नाना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए राज्य सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। साथ ही सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि, राज्य सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्ष को निशाना बना रही है। वहीं जीतू पटवारी के भाई नाना ने कहा कि, कांग्रेस अध्यक्ष का भाई होना ही मेरी गलती है।

बता दें कि, इंदौर में ड्रग्स नेटवर्क की जांच के दौरान नाना पटवारी का नाम सामने आया था, जिसके बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था और कई घंटो पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। फिलहाल पुलिस ने उनके खिलाफ ड्रग्स सेवन या किसी अन्य अपराध में गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।

नाना ने ड्रग्स का सेवन करना स्वीकारा

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और उनके भाई नाना पटवारी ने शुक्रवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाना पटवारी की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा सरकार और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। नाना पटवारी मीडिया से मुखातिब होकर कहा कि, मैं इस बात का खंडन करता हूं कि मैं अभी ड्रग्स का सेवन करता हूं। हालांकि, इस बात को स्वीकार किया कि वे 3 से 4 साल पहले तक ड्रग्स का सेवन करते थे। पुलिस कार्रवाई को लेकर नाना ने कहा कि, "कांग्रेस अध्यक्ष का भाई होना ही मेरा अपराध है"। अगर मैं जीतू पटवारी का भाई नहीं होता तो मेरे खिलाफ इस तरह की कार्रवाई नहीं होती।

प्रेस कांफ्रेंस में क्या बोले जीतू पटवारी?

वहीं कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। पटवारी ने कहा कि यदि किसी के खिलाफ ठोस सबूत हैं तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन केवल नाम सामने आने के आधार पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि, इस पूरे मामले में मेरे छोटे भाई का दूर- दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। फिर भी उन्हें हिरासत में लेकर परेशान किया गया।

जीतू पटवारी ने कहा कि उनका परिवार कानून का सम्मान करता है और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी भी निष्पक्ष जांच से नहीं डरते, लेकिन कानून का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में नहीं होना चाहिए।

Created On :   10 July 2026 12:06 PM IST

Tags

Next Story