Maharashtra NCP: NCP में दरार की अटकलें तेज, पार्टी प्रमुख सुनेत्रा पवार ने निर्वाचन आयोग को लिखा था लेटर, बिना पदनाम के इन दो नेताओं के नाम किए शामिल

NCP में दरार की अटकलें तेज, पार्टी प्रमुख सुनेत्रा पवार ने निर्वाचन आयोग को लिखा था लेटर, बिना पदनाम के इन दो नेताओं के नाम किए शामिल
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर खटपट की खबरें सामने आई थी। इसके बाद शनिवार (4 अप्रैल) को एनसीपी का एक बयान सामने आया है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर खटपट की खबरें सामने आई थी। इसके बाद शनिवार (4 अप्रैल) को एनसीपी का एक बयान सामने आया है। जिसमें उन अटकलों को खारिज कर दिया गया है, जिसमें बताया गया था कि पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष और दरार पड़ गई है। इसके साथ ही यह भी कहा कि पूर्व एनसीपी प्रमुख अजित पवार के निधन के बाद निर्वाचन आयोग के साथ टॉप लीडर्स के बीच संवाद को ज्यादा महत्व देने का काम किया जा रहा है।

एनसीपी प्रवक्ता सूरज चौहान का कहना है कि वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे पर पार्टी पर कब्जा करने के आरोप लगाए थे, जिसे उन्होंने खारिज कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने उन खबरों का भी खंडन किया है, जिसमें बताया गया था कि पार्टी प्रमुख सुनेत्रा पवार से ये दोनों नेता नाराज हैं।

सुनेत्रा पवार ने इस पत्र को बताया अमान्य

सूरज चौहान ने आगे बताया कि अजित पवार के टाइम पर भी प्रफुल्ल पटेल के पास कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पार्टी प्रत्याशियों को 'एबी' वितरित करने के अधिकार थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने मिलकर 16 फरवरी को निर्वाचन आयोग को एक पत्र भेजा था, जिसमें बताया गया था कि पार्टी प्रमुख की गैर-हाजिरी में कार्यकारी अध्यक्ष को महत्वपूर्ण फैसले लेने के अधिकारी है। इसके बाद सुनेत्रा पवार ने 10 मार्च को आयोग को एक लेटर लिखा, जिसमें कार्यसमिति की नियुक्ति की सूचना दी गई और साफ तौर पर कहा कि पूर्व में भेजे गए पत्र को अमान्य माना जाए।

लेटर में इन दो नेताओं के बिना पद का उल्लेख

एनसीपी प्रवक्ता का कहना है, "अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद कार्यकारी अध्यक्ष के पास मौजूद शक्तियां स्वतः समाप्त हो जाती हैं। इसलिए, पार्टी में सत्ता संघर्ष और आंतरिक कलह की अटकलें जानबूझकर फैलाई गई हैं, जो पूरी तरह निराधार और झूठी हैं।"

वहीं, डिप्टी सीएम ने आयोग को चार पन्नों का लेटर भेजा था, जिसमें बिना पदनाम के सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल का नाम शामिल किया गया। इस वजह से मौजूदा समय में उनके पद को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

Created On :   4 April 2026 10:24 PM IST

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