Rajasthan University: एक बार फिर विवादों में आई राजस्थान यूनिवर्सिटी, जमकर हुआ विरोध और बवाल, NSUI के 50 छात्र हिरासत में

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में आ गई है। 3 अप्रैल 2026 को आरएसएस (RSS) के एक कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का विरोध कर रहे कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प के बाद 50 से अधिक छात्रों को हिरासत में लिया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कार्यक्रम के समर्थन में मोर्चा संभाला और इसे शिक्षा व संस्कृति से जुड़ा बताया।
क्या है पूरी खबर?
खबर है कि यूनिवर्सिटी में मरुधरा नारी संस्थान की ओर से महिला सशक्तिकरण पर एक गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा था। इस कार्यक्रम में RSS और BJP से जुड़े पदाधिकारी शामिल थे। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने का कहना है कि शिक्षा के मंदिर में सिर्फ अकादमिक गतिविधियां होनी चाहिए। राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होने चाहिए, अगर यूनिवर्सिटी में ऐसा हुआ तो वह उसका विरोध करेंगे।
राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बोले राजस्थान विश्वविद्यालय में RSS के एजेंडे के खिलाफ आवाज़ उठाने पर NSUI कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और गैर-कानूनी हिरासत, यह BJP सरकार की तानाशाही है। पुलिस द्वारा छात्रों को घसीटना और महिला छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार सत्ता के अहंकार को उजागर करता है। NSUI इस अन्याय का विरोध करती है और सभी साथियों की तत्काल रिहाई की मांग करती है। छात्र आवाज दबेगी नहीं, और संघर्ष जारी रहेगा।
गिरफ्तारी करवाना सरकार की बौकलाहट- अशोक गहलोत
राजस्थान विश्वविद्यालय में RSS की विचारधारा थोपने और शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता को कमजोर करने के खिलाफ NSUI का शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रतीक है। ऐसे विरोध को दबाने के लिए NSUI के नेताओं व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भाजपा सरकार की बौखलाहट और तानाशाही मानसिकता को दर्शाती है। लोकतंत्र में असहमति और विरोध हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसे कुचलना संविधान की भावना के विपरीत है। राज्य सरकार इस मामले में त्वरित संज्ञान लेकर सभी गिरफ्तार NSUI कार्यकर्ताओं और नेताओं को अविलंब रिहा करे।
Created On :   4 April 2026 12:42 AM IST












