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MP Politics: सीएम शिवराज के वायरल वीडियो पर बवाल, कांग्रेस ने पीएम मोदी पर लगाए लोकतंत्र की हत्या के आरोप


डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वायरल वीडियो पर कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा- 'मोदीजी आपने लोकतंत्र की हत्या की है या आपके सीएम आदतन लफ्फाजी कर रहे हैं।' सीएम शिवराज का वायरल वीडियो इंदौर की रेजीडेंसी का बताया जा रहा है। यहां शिवराज सांवेर के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ पूर्व मंत्री तुलसी सिलावट भी मौजूद थे। तुलसी शिवराज कैबिनेट में मंत्री हैं। हालांकि इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। इससे पहले इसी से जुड़ा एक ऑडियो भी वायरल हुआ था।

क्या है वायरल वीडियो और ऑडियो में?
वायरल ऑडियो-वीडियो में शिवराज सिंह कह रहे हैं- 'केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया कि सरकार गिरनी चाहिए। यह बर्बाद कर देगी, तबाह कर देगी। और आप बताओ कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और तुलसी भाई के बिना सरकार गिर सकती थी क्या‌? और कोई तरीका नहीं था। ये तो मंत्री वहां भी थे। मुख्यमंत्री बनने की तो नहीं सोची थी। अब कांग्रेस वाले कह रहे हैं कि गड़बड़ कर दी। घोटाला कर दिया।

मैं आज पूरे विश्वास और ईमानदारी के साथ इस मंच से कह रहा हूं, धोखा कांग्रेस ने दिया। धोखा सिंधिया और तुलसी सिलावट ने नहीं दिया। दर्द और कसक की वजह से मंत्री पद छोड़ दिया, जबकि सरपंच तक पद नहीं छोड़ते। आज सिंधिया जी और तुलसी भाई का मैं इसलिए स्वागत करता हूं कि भाजपा की सरकार बनाने के लिए मंत्री पद छोड़कर आए। और अब हो रहे हैं चुनाव।

ईमानदारी से बताओ कि तुलसी अगर विधायक नहीं बने तो हम मुख्यमंत्री रहेंगे क्या? भाजपा की सरकार बचेगी क्या? हर भाजपा कार्यकर्ता की ड्यूटी है और कर्तव्य है कि तुलसी सिलावट चुनाव नहीं लड़ रहा, आप सब चुनाव लड़ रहे हैं। हम उम्मीदवार हैं।'

विवेक तन्खा ने घटना को बताया शर्मनाक
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने भी बीजेपी पर निशाना साधा है। तन्खा ने कहा, 'यदि किसी भी सोर्स से प्राप्त यह ऑडियो सही है तो देश के लिए अत्यंत शर्मनाक है। केंद्र के षड्यंत्र से विपक्ष की राज्य सरकारें गिराना भाजपा की अल्प काल में जीत ज़रूर है मगर हमारे समविधान और प्रजातांत्रिक मूल्यों की हार है।पैसे के दम सरकारें बनाना या गिराना छोटी मानसिकता का प्रतीक।' वहीं कांग्रेस प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने कहा- वीडियो से इस बात की पुष्टि हो गई है बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व भी इस साजिश व षड्यंत्र में शामिल था और जानबूझकर कांग्रेस सरकार को गिराया गया और सरकार गिराने में सिंधिया की इसलिए मदद ली गई क्योंकि उनके बगैर सरकार गिर नहीं सकती थी।

20 मार्च को गिर गई थी कमलनाथ सरकार
मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने और 22 विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल होने के बाद 20 मार्च को कमलनाथ सरकार का पतन हो गया था। इसके बाद बीजेपी ने राज्य में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सरकार बनाई। भाजपा का कहना था कि कांग्रेस की सरकार अंदरूनी कलह की वजह से गिरी। बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेता बार बार कहते रहे हैं कि बीजेपी की मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के पतन में कोई भूमिका नहीं थी।

24 सीटों पर होना है उपचुनाव
230 सदस्यीय मध्यप्रदेश विधानसभा में वर्तमान में 206 सदस्य हैं, जिनमें से 107 बीजेपी के हैं। कांग्रेस के 92 सदस्य हैं। चार निर्दलीय, एक समाजवादी पार्टी और तीन बसपा विधायक सरकार का समर्थन कर रहे हैं। वर्तमान में बहुमत का आंकड़ा 104 है। कांग्रेस विधायकों के इस्तीफों के बाद 24 सीटों पर उपचुनाव होना है। हालांकि चुनाव आयोग ने अभा तारीखों की घोषणा नहीं की है। इसके बावजूद कांग्रेस और भाजपा के बीच इसे लेकर गुणा-भाग जारी है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।