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Haryana: 'किसान महापंचायत' में तोड़फोड़ पर खट्टर बोले- घटना के पीछे कांग्रेस, कम्युनिस्टों का हाथ

Haryana: 'किसान महापंचायत' में तोड़फोड़ पर खट्टर बोले- घटना के पीछे कांग्रेस, कम्युनिस्टों का हाथ

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। हरियाणा के करनाल जिले के कैमला गांव में किसान महापंचायत के दौरान हुई तोड़फोड़ की घटना पर सीएम मनोहर लाल खट्टर का बयान सामने आया है। खट्टर ने कहा, इन लोगों ने किसानों की भी बदनामी कराई है। ये किसान का रवैया नहीं हो सकता। हमारे देश का किसान कितना ही कम पढ़ा-लिखा होगा उसकी सिस्टम में गहरी आस्था होती है, वो बहुत समझदार है। इसलिए इनको उस तरह का समर्थन नहीं मिलने वाला है। वहीं सीएम खट्टर ने इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी का हाथ होने का आरोप लगाया है।

खट्टर ने आज की घटना की जिम्मेदारी चढ़ूनी पर डालते हुए कहा, 'इसमें अगर मैं एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराऊं तो उसमें एक गुरनाम सिंह चढ़ूनी जिसने परसों से एक वीडियो चलाया। उन्होंने उकसाने का काम किया। खट्टर ने कहा, मैं जनता का प्रतिनिधि हूं, मुझे जनता के आशीर्वाद से ये स्थान मिला है। अब वो बहुत ज्यादा एक्सपोज होते जा रहे हैं। 

 कांग्रेस पर निशाना साधते हुए खट्टर ने कहा, बाबा भीमराव आंबेडकर ने जो व्यवस्था हमें दी है उसका उल्लंघन ये देश की जनता मुझे नहीं लगता कि बर्दाश्त करेगी। इस देश में डेमोक्रेसी को खत्म करने के लिए पहले भी कांग्रेस ने 1975 में कोशिश की है जब आपातकाल हुआ था। आपातकाल के समय कांग्रेस का ये जो घिनौना काम है। उसको लोगों ने उस समय पहुंचाना और कांग्रेस की लंबी-पुरानी सत्ता को उखाड़ फेंका।

खट्टर ने कहा, इस आंदोलन के पीछे अगर हाथ है तो मैं समझता हूं कि कांग्रेस पार्टी का बड़ा हाथ है। कम्युनिस्टों का बड़ा हाथ है। कांग्रेस नेताओं के लगातार उकसाने वाले वक्तव्य आ रहे हैं। कम्युनिस्ट पार्टी के नेता पैर पसारने में लगे हुए हैं। मैं आज की घटना की निंदा करता हूं और कार्यक्रम के आयोजकों का आभार व्यक्त करता हूं।

बता दें कि मनोहर लाल खट्टर को करनाल में किसान महापंचायत कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा था। केंद्र के तीन कृषि कानूनों का विरोध करते हुए किसानों ने इस कार्यक्रम के लिए लगाया गया टेंट उखाड़ दिया था और मंच को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस वजह से कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा छा। वहीं प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।