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वर्चुअल शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री के साथ की द्विपक्षीय वार्ता

September 28th, 2020 17:11 IST

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूरोपीय संघ के देशों के साथ साझेदारी बढ़ाने को लेकर आज सोमवार को डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। कोरोना संकट के दौर में दोनों प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तकनीक, नवीकरणीय प्रौद्योगिकी सहयोग बढ़ाने जैसे कई मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता कर रहे हैं। कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक द्विपक्षीय संबंधों के मौजूदा ढांचे की समीक्षा और उसे मजबूत करने के लिहाज से ये बैठक अहम है। 

शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री से बातचीत करते हुए कहा, कुछ महीने पहले फोन पर हमारी बहुत लाभकारी बात हुई। हमने कई क्षेत्रों में भारत और डेनमार्क के बीच सहयोग बढ़ाने के बारे में चर्चा की थी। यह खुशी का विषय है कि आज हम इस वर्चुअल समिट के माध्यम से इन इरादों को नई दिशा और गति दे रहे हैं। हमारी वर्चुअल समिट ना सिर्फ़ भारत-डेनमार्क संबंधों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के प्रति भी एक साझा दृष्टिकोण बनाने में मदद करेगी।

पीएम मोदी ने कहा, कोरोना ने दिखाया है कि, ग्लोबल सप्लाई चेन्स का किसी भी सिंगल सोर्स पर अत्यधिक निर्भर होना रिस्की है। हम जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिल कर सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) के लिए काम कर रहें हैं। अन्य लाइक माइंडेड देश भी इस प्रयत्न में जुड़ सकते हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था 'वाइब्रेंट गुजरात समिट' में लगातार डेनमार्क सम्मिलित होता रहा है। इसके लिए मेरा डेनमार्क के प्रति खास लगाव भी रहा है। मैं दूसरे 'इंडिया नोर्डिक समिट' को होस्ट करने के आपके प्रस्ताव के लिए आभारी हूं। 

भारत और डेनमार्क के बीच वस्तु और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार में बीते तीन सालों के दौरान 30.49% क़ई बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2016 में दोनों देशों का आपसी व्यापार जहां 2.82 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था, वहीं 2019 में यह बढ़कर 3.68 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। इतना ही नहीं लगभग 200 डेनिश कंपनियों ने भारत में शिपिंग, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश किया है। पर्यावरण, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, स्मार्ट शहरी विकास समेत 'मेक इन इंडिया की अनेक परियोजनाओं में निवेश किया है. वहीं डेनमार्क में नवीन ऊर्जा और इंजीनियरिंग क्षेत्र में डेनमार्क की लगभग 25 भारतीय कंपनियां मौजूद हैं।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।