गुजरात चुनाव: ना अध्यक्ष ना प्रभारी कैसे कांग्रेस फतह करेगी गुजरात?

August 26th, 2021

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात में 2022 में विधानसभा चुनाव हैं। भाजपा, प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल और मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की अगुवाई में पूरी एक्शन में है। दूसरी तरफ कांग्रेस का वही ढीला रवैया नजर आ रहा है। कांग्रेस का ना तो प्रदेश अध्यक्ष है और ना ही प्रभारी है। यहां तक कि विधानसभा में विपक्ष का नेता तक नहीं बना पाई है। बिना नेतृत्व के कांग्रेस आपसी गुटबाजी से जूझ रही है। आखिर ऐसे कैसे कांग्रेस गुजरात को फतह कर पायेगी, ये एक बड़ा सवाल है।

2017 में कांग्रेस का रहा था अच्छा प्रदर्शन

कांग्रेस पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से गुजरात में सत्ता से बाहर है। जब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी थे तो कांग्रेस की सत्ता में वापसी की कोई उम्मीद नहीं थी। लेकिन मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद कांग्रेस में एक उम्मीद आई की कांग्रेस गुजरात में वापसी कर सकती है। हुआ भी यही कि 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अब तक सबसे अच्छा प्रदर्शन किया था। कांग्रेस के 77 उम्मीदवार जीतकर आये थे लेकिन बिना नेतृत्व की कांग्रेस में ऐसी भगदड़ मची कि कांग्रेस के अब 65 विधायक ही बचे हैं। कांग्रेस जैसे लगता है कि सुधरने के मूड में ही नहीं है। वह 2017 की अपनी हार से सबक लेकर अपने संगठन को मजबूत ही नहीं करना चाहती है। कांग्रेस के गुजरात में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष और गुजरात कांग्रेस का प्रभारी पद खाली है

गुजरात में तेजी से उभर रही है आम आदमी पार्टी

गुजरात में आम आदमी पार्टी तेजी से उभर रही है। हाल ही में हुए नगर पालिका चुनाव में आदमी पार्टी ने गुजरात में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई। जिससे पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल खासे उत्साहित हैं। उन्होंने यह ऐलान कर दिया कि पार्टी विधानसभा का चुनाव बेहद मजबूती से लड़ेगी। साथ ही केजरीवाल दो महीनों में दो बार गुजरात का दौरा भी कर चुके हैं। कांग्रेस इसी बात परेशान है कि कहीं आम आदमी पार्टी उनकी कमजोर पार्टी को ओर कमजोर ना कर दे।

प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

कांग्रेस के सांसद और गुजरात कांग्रेस के प्रभारी राजीव साटव का इस साल मई में कोरोना के चलते निधन हो गया था। इसी के बाद से गुजरात कांग्रेस प्रभारी का पद खाली है। नगरीय निकाय के चुनाव में कांग्रेस के बेहद शर्मनाक प्रदर्शन के बाद प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा और नेता विपक्ष परेश धनानी ने इस्तीफ़ा दे दिया था। तब पार्टी हाईकमान ने चावड़ा और धनानी से कहा था कि वे नई नियुक्तियां होने तक अपने पदों पर बने रहें। 

 गुजरात के नगर निगम के चुनाव में बीजेपी ने बम्पर जीत हासिल की थी जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन काफी ख़राब रहा था। जिला पंचायतों से लेकर तालुका पंचायतों, नगर पालिकाओं में भी बीजेपी कांग्रेस से काफी आगे रही थी। तालुका पंचायतों, नगर पालिकाओं में आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम ने भी कुछ सीटें हासिल की थीं।

प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में यह नेता हैं शामिल

प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में शक्ति सिंह गोहिल, अर्जुन मोढ़वाढ़िया और भरत सिंह सोलंकी शामिल हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि गुजरात में बीजेपी की सरकार के ख़िलाफ़ माहौल है और 2022 में कांग्रेस के लिए अच्छे मौक़े बन सकते हैं। 

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