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मॉनसून सत्र: राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, पास हुए कुल 25 बिल, कोरोना के कारण समय से पहले सत्र खत्म

September 23rd, 2020 16:08 IST
मॉनसून सत्र: राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, पास हुए कुल 25 बिल, कोरोना के कारण समय से पहले सत्र खत्म

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इस बार संसद सत्र में भी कोरोना वायरस महामारी का असर पड़ा है। आज बुधवार को मॉनसून सत्र के 10वें दिन राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने इसकी घोषणा की है। कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण समय से पहले मॉनसून सत्र को खत्म किया गया है। एक अक्टूबर तक चलने वाले इस सत्र को 8 दिन पहले ही खत्म करने का फैसला लिया गया। संसद के इस सत्र में राज्यसभा में कुल 10 बैठके हुईं, जिसमें 25 बिल पास हुए हैं। इनमें कृषि से संबंधित तीन और श्रम सुधार से जुड़े तीन बिल शामिल हैं।

कुछ मामलों में ऐतिहासिक रहा सत्र- सभापति
सभापति वेंकैया नायडू ने राज्यसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले अपने पारंपरिक संबोधन में कहा, यह सत्र कुछ मामलों में ऐतिहासिक रहा क्योंकि इस बार उच्च सदन के सदस्यों को बैठने की नई व्यवस्था के तहत पांच अन्य स्थानों पर बैठाया गया। उच्च सदन के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। इसके अलावा सदन ने लगातार 10 दिनों तक काम किया। शनिवार और रविवार को अवकाश नहीं रहा। सत्र के दौरान पारित किए गए 25 विधेयकों में कृषि क्षेत्र से संबंधित तीन विधेयक, महामारी संशोधन विधेयक, विदेशी अभिदाय विनियमन संशोधन विधेयक, जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक शामिल हैं।

सत्र के 10वें दिन ये 6 बिल राज्यसभा से हुए पास
बुधवार को राज्यसभा ने विपक्ष के बहिष्कार के बीच मजदूरों और कामगारों से जुड़े तीन बिल और जम्मू-कश्मीर राजभाषा विधेयक समेत कुल 6 विधेयक पास किए। राज्यसभा में उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता 2020, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, विदेशी अभिदाय विनियमन (संशोधन) विधेयक 2020, अर्हित वित्तीय संविदा द्विपक्षीय नेटिंग विधेयक 2020 और जम्मू-कश्मीर राजभाषा विधेयक 2020 बिल पारित हुए। ये सभी विधेयक लोकसभा में पहले ही पास हो चुके हैं। 

मॉनूसन सत्र के 7वें दिन कृषि से जुड़े 3 विधेयक पास 

1. कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) बिल - इसका उद्देश्य एपीएमसी मंडियों के बाहर भी कृषि से जुड़े उत्पाद बेचने और खरीदने की व्यवस्था तैयार करना है। यानी मोदी सरकार ने वो व्यवस्था खत्म कर दी है, जिसमें किसान अपनी उपज APMC मंडियों में लाइसेंसधारी खरीदारों को ही बेच सकते थे।

2. मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (संरक्षण एवं सशक्तिकरण बिल) - ये बिल कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को कानूनी वैधता प्रदान करता है, ताकि बड़े बिजनेस वाले और कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट पर जमीन लेकर खेती कर सकें।

3. आवश्यक वस्तु संशोधन बिल- इस बिल के जरिए खाद्य पदार्थों की जमाखोरी पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है। यानी व्यापारी कितना भी अनाज, दालें, तिलहन, खाद्य तेल वगैरह जमा कर सकते हैं।

दिवालिया कानून से जुड़ा संशोधन विधेयक पारित
राज्यसभा ने सत्र के छठवें दिन दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड) (दूसरा संशोधन) बिल, 2020 पारित किया है। 

होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक पास
मॉनसून सत्र के 5वें दिन राज्यसभा में होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक, 2020 (Homeopathy Central Council Amendment Bill 2020) पारित हुआ। 

सत्र के तीसरे दिन आयुर्वेद शिक्षण अनुसंधान संस्थान विधेयक पारित
मॉनसून सत्र के तीसरे दिन राज्यसभा में आयुर्वेद में शिक्षण और अनुसंधान संस्थान विधेयक पारित हुआ। यह विधेयक तीन आयुर्वेद संस्थानों को एक संस्थान- इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्ड इन आयुर्वेद (आयुर्वेद में शिक्षण और अनुसंधान संस्थान) में विलय करने के बारे में है। विधेयक संस्थान को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित करता है।

सत्र के दूसरे दिन एयरक्राफ्ट संशोधन बिल 2020 पारित
राज्यसभा में सत्र के दूसरे दिन एयरक्राफ्ट संशोधन बिल 2020 पास हुआ। इससे भारत में नागरिक उड्डयन क्षेत्र में तीन विनियामक निकायों- नागरिक उड्डयन महानिदेशालय, नागरिक उड्डयन सुरक्षा कार्यालय और विमान दुर्घटना जांच कार्यालय को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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